
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के बुजुर्गों की सेहत दुरुस्त करने के लिए ऐसी स्कीम लांच की है, जो उनके लिए चुनावी 'संजीवनी' साबित हो सकती है. खास बात ये है कि अरविंद केजरीवाल ने अपनी नई चुनावी स्कीम का नाम भी 'संजीवनी योजना' रखा है.
संजीवनी योजना के तहत दिल्ली के 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को मुफ्त इलाज के इंतजाम किये जाएंगे - और विशेष बात ये है कि इलाज की ये सुविधा महज सरकारी अस्पतालों तक ही सीमित नहीं रहेगी. महीने भर के भीतर आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल की तरफ से दिल्लीवालों के लिए घोषित की गई ये तीसरी कल्याणकारी योजना है.
बीजेपी के साथ साथ कांग्रेस भी अरविंद केजरीवाल को घेरने की हर संभव कोशिश कर रही है, लेकिन अपनी सूझ-बूझ से चकमा देते हुए वो बड़े आराम से बचकर निकलते जा रहे हैं.
केजरीवाल की तरफ से मुफ्तवाली नई स्कीम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार की मुफ्त की योजनाओं को 'रेवड़ी' करार दे चुके हैं, लेकिन लगता नहीं कि अरविंद केजरीवाल को कोई फर्क पड़ रहा है.
अरविंद केजरीवाल ने साफ किया कि ये इलाज सभी बुजुर्गों के लिए मुफ्त होगा, चाहे वो किसी भी आय वर्ग के हों या किसी भी कैटेगरी के. गरीब या अमीर हो कोई फर्क नहीं पड़ता. मुफ्त इलाज सभी को मिलेगा, सिर्फ उम्र 60 साल से ऊपर होनी चाहिये.
देखा जाये तो ये केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत योजना को काउंटर करते हुए बनाई गई है. असल में दिल्ली के बीजेपी सांसदों की जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी का कहना है राज्य सरकार आयुष्मान भारत योजना लागू करने के लिए तैयार है, लेकिन कुछ विरोधाभास ऐसे हैं जिनकी वजह से नये रास्ते तलाशने पड़ रहे हैं. आतिशी ने कहा है, 'दिल्ली सरकार हमेशा से ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध रही है... हम आयुष्मान भारत के मूल सिद्धांतों को लागू करने के लिए तैयार हैं... दिल्ली सरकार के अस्पतालों और आयुष्मान योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाओं में काफी विरोधाभास है... दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सब कुछ मुफ्त है, आयुष्मान भारत में प्रतिबंध लगाये गये हैं... अगर परिवार के दो सदस्य एक साथ बीमार होते हैं, तो किसी एक को लाभ नहीं मिल सकता... हम मुफ्त चिकित्सा सेवा से समझौता नहीं करना चाहते... इसलिए, हमने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि वो आयुष्मान योजना को बिना किसी को नुकसान पहुंचाए लागू करने के तरीके तलाशे.'
आतिशी और मनीष सिसोदिया ने संजीवनी योजना के लिए अरविंद केजरीवाल को श्रवण कुमार करार दिया है. लेकिन, अरविंद केजरीवाल अलग ही रामायण के अलग ही प्रसंग की ओर ले जाते हैं, और खुद को हनुमान के रूप में पेश करते हुए दिल्ली के बुजुर्गों से कहते हैं, जब लक्ष्मण बीमार पड़ गये तो हनुमान ने जाकर संजीवनी बूटी लाई. आपके बेटे केजरीवाल ने आप सभी के लिए संजीवनी योजना लाई है. संजीवनी योजना में 60 साल के ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त इलाज मिलेगा. भले इलाज सरकारी अस्पताल में हो या निजी अस्पताल में, इलाज फ्री होगा.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सत्ता में वापसी के बाद ये स्कीम लागू की जाएगी. केजरीवाल ने ये भी बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए किसी को कहीं जाने की भी जरूरत नहीं है, आम आदमी पार्टी के वॉलंटियर घर घर जाकर रजिस्ट्रेशन कराएंगे.
घिरते ही बचकर निकल जाते हैं केजरीवाल
आयुष्मान भारत योजना में भी बुजुर्गों के मुफ्त इलाज की घोषणा कर दी गई है, लेकिन उसमें उम्र सीमा 10 साल ज्यादा है. आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 साल से ज्यादा उम्र वालों के ही इलाज की सुविधा है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी आयुष्मान योजना लागू करने की बाधाओं का जिक्र करते करते केंद्र सरकार की स्कीम की खामियां गिनाने लगती हैं. कहती हैं, आयुष्मान योजना में कई कंडीशन हैं, जैसे कि फ्रिज, गाड़ी या पक्का मकान वालों को लाभ देने से मना करना... प्रति परिवार 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की सीमा तय है... अगर परिवार के दो सदस्य एक साथ बीमार होते हैं, तो किसी एक को लाभ नहीं मिल सकता.
बीजेपी और कांग्रेस घेरने की कोशिश करते हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल बचने का कोई रास्ता खोज ही ले रहे हैं. जब अरविंद केजरीवाल पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा था, तब वो खामोश रहे. जेल से बाहर आते ही इस्तीफा दे दिया, और अपनी जगह आतिशी को मुख्यमंत्री बना दिया.
फायदा ये हुआ कि राजनीतिक विरोधियों को हमले के लिए नई रणनीति बनानी पड़ी, और आतिशी के खिलाफ खड़े होने के लिए भी नया रास्ता तलाशना पड़ रहा है.
ऐसी भी खबरें आई हैं कि बीजेपी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मोर्चे पर बीजेपी की तेज तर्रार नेता स्मृति ईरानी को तैनात करने पर भी विचार कर रही है. स्मृति ईरानी एक साथ अरविंद केजरीवाल और आतिशी दोनो को निशाना बना सकेगी.
नई दिल्ली सीट पर भी अरविंद केजरीवाल को घेरा जाना शुरू हो गया है. कांग्रेस ने तो शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को उतार दिया है, और बीजेपी की तरफ से अभी तो प्रवेश वर्मा की बात हो रही है, ये भी सुनने में आ रहा है कि उनकी जगह स्मृति ईरानी को भी उम्मीदवार बनाया जा सकता है.
आयुष्मान भारत योजना के नाम पर घेरने की कोशिश तो दिल्ली के सांसदों की तरफ से भी हुई है, लेकिन बुजुर्गों के लिए संजीवनी स्कीम लाकर अरविंद केजरीवाल ने अपनी तरफ से काउंटर अटैक तो कर ही दिया है - और वैसे ही भीमराव आंबेडकर को लकेर कांग्रेस और बीजेपी के झगड़े का फायदा उठाने में भी जुटे हुए हैं. आम आदमी पार्टी की तरफ से सोशल साइट X पर AI से बनाया गया केजरीवाल को आशीर्वाद देते आंबेडकर का वीडियो इस बात का सबूत है.