
दिल्ली चुनावों को देखते हुए उम्मीद की जा रही थी कि केंद्रीय बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मिडिल क्लास के लिए कोई बड़ी घोषणा करेंगी. 12 लाख रु तक की आय को आयकर छूट देकर उन्होने ऐसा किया भी. लेकिन आम बजट में बिहार पर खास मेहरबानी देखने को मिली. वैसे भी चुनावी साल में बिहारवालों का हक भी बनता है. बिहार विधानसभा का चुनाव 2025 के आखिर में होना है.
आम बजट 2025 में घोषित नये टैक्स बिल में जो भी आने वाला हो, टैक्स लिमिट 12 लाख रुपये तक कर दिये जाने का फायदा तो बिहार के लोगों को भी मिलेगा ही - लेकिन, बिहार चुनाव को ध्यान में रख कर जो छप्पर फाड़ ऐलान किये गये हैं, वे तो उनके लिए मायने रखते ही हैं.
बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार के लिए कई बड़े ऐलान किये हैं. एक अहम घोषणा भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए बिहार में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे बनाये जाने का ऐलान भी है. और, ये भी साफ किया गया है कि ये हवाई अड्डे पटना एयरपोर्ट की क्षमता के विस्तार के अलावा होंगे.
साथ ही, मिथिलांचल में पश्चिमी कोशी नहर परियोजना को वित्तीय सहायता, और पटना IIT के विस्तार की भी आम बजट में घोषणा की गई है.
जैसे बिहार में बहार लाने के लिए घर से ही तैयार होकर आई हों
बिहार के लिए घोषणाएं तो बाद में सुनने को मिलीं, संकेत तो बजट भाषण शुरू होने से पहले ही मिल गये थे, जब निर्मला सीतारमण गोल्डन वर्क के साथ मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी पहन कर संसद पहुंचीं. ये साड़ी वित्त मंत्री को बिहार की जानी मानी कलाकार दुलारी देवी ने तोहफे में दी थी, और बजट के दिन पहनने की रिक्वेस्ट की थी.
पद्मश्री दुलारी देवी निश्चित तौर पर आज बेहद खुश होंगी. साड़ी पहन लेने के लिए भी, और बिहार के लिए सौगातों की बौछार के लिए भी. दुलारी देवी से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मधुबनी के मिथिला आर्ट इंस्टीट्यूट के दौरे में मिली थीं. दुलारी देवी को 2021 में कला में उनके योगदान के लिए भारत सरकार की तरफ से पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.
1. ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में बताया है कि बिहार में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाया जाएगा, ताकि राज्य में भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सके. ये भी बताया गया है कि ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पटना एयरपोर्ट और ब्राउन फील्ड एयरपोर्ट बिहटा के अलावा तैयार किया जाएगा.
2. बिहार में खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान: वित्त मंत्री के बजट के मुताबिक, बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान बनाया जाएगा. इस संस्थान से पूरे पूर्वी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण की गतिविधियों को मजबूती मिलेगी. संस्थान के चालू होने पर किसानों के उत्पाद की गुणवत्ता के साथ साथ उनकी आय में भी इजाफा हो सकेगा, और युवाओं के लिए स्किल, उद्यमिता और रोजगार प्राप्त करने के मौके पैदा होने की अपेक्षा की जानी चाहिये.
3. बिहार में मखाना बोर्ड बनेगा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, मखाना के उत्पादन, प्रॉसेसिंग, मूल्य संवर्धन और मार्केटिंग में सुधार के लिए बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी. निर्मला सीतारमण ने कहा, 'बिहार के लोगों के लिए ये खास मौका है. मखाना के उत्पादन, और अन्य गतिविधियों में लगे लोगों को एफपीओ में संगठित किया जाएगा. वित्त मंत्री का कहना है, मखाना किसानों को मदद, प्रशिक्षण सहायता और ये सुनिश्चित करने के लिए भी काम किया जाएगा कि उनको सभी संबंधित सरकारी योजनाओं का भी फायदा मिल सके.
दुनिया भर में होने वाले मखाना का करीब 85 फीसदी मखाना भारत में पैदा होता है, और उसमें भी भारत का 90 फीसदी मखाना बिहार में होता है. बिहार के मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, सीतामढ़ी, अररिया, कटिहार, पूर्णिया, और किशनगंज जैसे इलाके मखाने की खेती के लिए जाने जाते हैं.
4. मिथिलांचल में कोशी कैनाल प्रोजेक्ट: मिथिलांचल के लिए पश्चिमी कोशी कैनाल प्रोजेक्ट का भी बजट में प्रस्ताव दिया गया है. कोशी कैनाल प्रोजेक्ट से इलाके के किसानों को काफी फायदा होगा. प्रोजेक्ट शुरू होने पर 50 हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी.
जन सुराज पार्टी के बैनर तले बिहार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे प्रशांत किशोर और विपक्षी खेमे के नेता केंद्र की बीजेपी सरकार पर बिहार के लोगों के साथ भेदभाव करने और कभी कुछ भी न देने के आरोप लगाते रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी लंबे समय से बिहार के लिए विशेष दर्जे की मांग रही है - और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ये बोल कर नीतीश कुमार पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे हैं कि अब तो वो केंद्र की एनडीए सरकार का हिस्सा भी हैं, लेकिन बिहार के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं - चुनावी साल होने के कारण ही सही, ये क्या कम है कि बिहार को कुछ खास मिला है.