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ट्रंप के बहाने BJP ने मोदी के चौथे टर्म और 'मार्गदर्शक मंडल' को लेकर किया इशारा | Opinion

जिस 8 साल की उम्र में डोनाल्ड ट्रंप ने शानदार वापसी की है, बीजेपी अपने नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में भेज देती है, लेकिन अमित मालवीय का संकेत समझें तो लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ऐसी बातें लागू नहीं होने जा रही हैं. उनके मार्गदर्शक मंडल में जाने की अटकलों को छोड़ि‍ये, चौथे टर्म की तैयारी चल रही है.

जब 78 साल की उम्र में डोनॉल्ड ट्रंप की अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर वापसी हो सकती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चौथी पारी क्यों नहीं खेल सकते? जब 78 साल की उम्र में डोनॉल्ड ट्रंप की अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर वापसी हो सकती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चौथी पारी क्यों नहीं खेल सकते?
मृगांक शेखर
  • नई दिल्ली,
  • 07 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने के बाद से ही ब्रांड मोदी और मोदी के जादू पर सवाल उठने लगे हैं. सवाल उठने की खास वजह भी है. बीजेपी अपने बूते आम चुनाव में बहुमत भी नहीं हासिल कर सकी - और बैसाखी के सहारे एनडीए की सरकार बनानी पड़ी. 

नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री जरूर बन गये, लेकिन अभी तक ये आशंका भी खत्म नहीं हुई है कि तब क्या होगा जब टीडीपी नेता एन. चंद्रबाबू नायडू या जेडीयू नेता नीतीश कुमार या दोनो बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे? वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टीएमसी नेता ममता बनर्जी की तरफ बीजेपी उम्मीदों भरी नजर से देखती आ रही है. कोलकाता के मेडिकल कॉलेज के रेप-मर्डर केस में केंद्र सरकार के सॉफ्ट रवैये में इसकी झलकी भी देखी जा चुकी है. 

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लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को केंद्र में रखकर 75 साल के होने जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी लिया, था - और कुछ दिनों से उनके उत्तराधिकारी को लेकर भी चर्चा जोर पकड़ने लगी है. 

ऐसे में, ये सवाल तो बनता ही है कि जब 78 साल की उम्र में डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर वापसी हो सकती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चौथी पारी क्यों नहीं खेल सकते? और सोशल मीडिया पर ये बहस छेड़ी से बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने.

डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी 

कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक ज्योतिषी की भविष्यवाणी खूब शेयर की जा रही है. ये वायरल वीडियो एक पॉडकास्ट का है, जिसमें ज्योतिषी दावा करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना तीसरा टर्म पूरा नहीं कर पाएंगे. स्वयंभू सिग्नेचर एक्सपर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के जेल जाने और मुकेश अंबानी की तबीयत के बारे में भी प्रेडिक्शन किया है.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मोदी-शाह के बीच चल रही टकराव की खबरों के बीच बहुत सारी बातें चल रही हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और मौजूदा बीजेपी नेतृत्व के बीच लोकसभा चुनाव के दौरान हुई तकरार के बीच मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर भी कयास लगाये जाने लगे हैं. 

लेकिन, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आने के बाद बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय की एक सोशल मीडिया पोस्ट से नई बहस छिड़ गई है. सोशल साइट X पर अमित मालवीय ने लिखा है, 78 साल की उम्र में डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस की रेस में शामिल हुए, और दूसरी पारी पक्की कर ली... 2029 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 78 साल के होने जा रहे हैं.'

डोनाल्ड ट्रंप की जिस उम्र में अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में वापसी हुई है, मोदी के उस उम्र तक पहुंचते पहुंचते तीसरी पारी पूरी होगी - और तभी अगले आम चुनाव का भी समय हो जाएगा. अगला लोकसभा चुनाव 2029 में ही होना है. 

अगले चुनाव तक मोदी का ट्रंप की उम्र की बराबरी कर लेना, निश्चित तौर पर एक संयोग है और ये बीजेपी के लिए एक नये प्रयोग की तरफ इशारा तो करता ही है. अमित मालवीय ने भी बिलकुल यही संकेत देने की कोशिश की है - और इसीलिए ये सवाल भी उठ रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेकर अमित मालवीय ने नरेंद्र मोदी के चौथे टर्म की ओर इशारा यूं ही किया है, या ये बीजेपी की किसी दूरगामी रणनीति का हिस्सा भी है?

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बीजेपी का मार्गदर्शक मंडल

2014 से पहले बीजेपी में कोई मार्गदर्शक मंडल घोषित तौर पर नहीं था. वैसे तब भी उसे अघोषित स्वरूप में ही प्रोजेक्ट किया गया था, जिसका बाद में अपवाद भी देखने को मिला. ये बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा की ताकत थी, जिन्होंने बीजेपी में चर्चित 75 साल की उम्र सीमा का नियम खुलेआम तोड़ा था. 

बीजेपी ने तो आम चुनाव से पहले 2013 में ही नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर रखा था, लेकिन मार्गदर्शक मंडल स्पष्ट तौर पर चुनाव नतीजे आने के बाद ही सामने आया. 

तब एक झटके में बीजेपी के सबसे सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी को मार्गदर्शक मंडल में भेज दिया गया. आडवाणी के साथ मार्गदर्शक मंडल में जाने वाले नेताओं में बीजेपी के दिग्गज डॉ. मुरली मनोहर जोशी और शांता कुमार जैसे नेता भी शामिल रहे. 

निश्चित तौर पर लालकृष्ण आडवाणी 2014 में 87 साल के हो चुके थे, लेकिन 2009 में 82 साल की उम्र में तो वो बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे ही. कांग्रेस ने तब सत्ता में वापसी कर ली, और आडवाणी चूक गये - और इस हिसाब से देखें तो मोदी 82 साल के तो 2031 में होंगे. 

मोदी को मार्गदर्शक मंडल में भेजे जाने की चर्चा बीजेपी में नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल की तरफ से शुरू की गई है. लोकसभा चुनाव के दौरान अरविंद केजरीवाल का दावा था कि मोदी को हटाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री बन जाएंगे, और तब योगी आदित्यनाथ को यूपी के मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाएगा. 

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लेकिन, अमित मालवीय की पोस्ट से ये संकेत तो मिल ही गया है कि 75 के होने पर भी मोदी मार्गदर्शक मंडल में तो नहीं जा रहे हैं. हालांकि, अभी बीजेपी की ऐसी किसी रणनीति के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है. 

अब तो मोदी के उत्तराधिकारी की चर्चा फिलहाल खत्म हो जानी चाहिये

लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद बीजेपी ने हरियाणा में सरकार तो बना ही ली है, भले ही इंडिया ब्लॉक जम्मू-कश्मीर में जीत का दावा करता फिरे. ऐसा कुछ उपचुनावों में भी देखने को मिला था. कहने को तो नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी यहां तक दावा करते हैं कि इंडिया ब्लॉक गुजरात जाकर भी बीजेपी को हराएगा. 

अभी तो महाराष्ट्र, झारखंड विधानसभा और यूपी के उपचुनावों के नतीजे का इंतजार है. जिस तरीके से योगी आदित्यनाथ ने यूपी में बीजेपी की हार की भरपाई के लिए 'बंटेंगे तो कटेंगे' मुहिम की 
शुरुआत की है, उसका असर झारखंड और महाराष्ट्र तक में लगे पोस्टर में देखा जाने लगा है. 

अव्वल तो मोदी के उत्तराधिकारी के रूप में प्रतियोगिता योगी आदित्यनाथ और अमित शाह या नितिन गडकरी के बीच ही है, लेकिन अयोध्या में आशीर्वाद यूपी के मुख्यमंत्री को मिल रहा है - और देश भर में उनकी एनकाउंटर पॉलिटिक्स की भी मिसाल दी जाने लगी है. 

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अगस्त, 2024 में मूड ऑफ द नेशन सर्वे में ये जानने की कोशिश की गई कि लोग मोदी के बाद किसे प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठते देखना चाहते हैं. इंडिया टुडे के सर्वे से मालूम हुआ था कि 25 फीसदी से ज्यादा लोगों ने अमित शाह को प्रधानमंत्री बनते देखने की इच्छा जताई थी, और उनके बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम दर्ज किया गया, जिन्हें 19 फीसदी वोट मिले थे.

हाल ही में जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक उत्तराधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही हैं... योगी आदित्यनाथ ने स्वयं को देश के सबसे कुशल प्रशासक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग्यतम उत्तराधिकारी के रूप में प्रस्तुत किया है... देश की जनता की मांग है कि सीएम योगी ही अगले प्रधानमंत्री बनें... अगर अपने खास गद्दारी ना करें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनने से कोई नहीं रोक सकता.

लेकिन अमित मालवीय के बयान के बाद तो लगता है, ऐसी चर्चाओं पर फिलहाल रोक लग ही सकती है. 

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