Advertisement

इनकम टैक्स विवाद, एक कॉल और रोहन गुप्ता की टिकट वापसी... कांग्रेस खेमे के बीच चर्चा में चंडीगढ़ और अहमदाबाद ईस्ट सीट

हाल ही में कांग्रेस के अहमदाबाद पूर्व से उम्मीदवार रोहन गुप्ता ने टिकट लौटा दिया था. उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा अपने बीमार पिता के आग्रह पर करना पड़ा. रोहन गुप्ता के अलावा भी कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची असंतोष, भाई-भतीजावाद जैसे आरोपों से घिरी हुई है.

कांग्रेस के भीतर से असंतोष की खबरें आ रही हैं कांग्रेस के भीतर से असंतोष की खबरें आ रही हैं
रशीद किदवई
  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 4:58 PM IST

कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशियों की सूची असंतोष, भाई-भतीजावाद और एक-दूसरे को पछाड़ने के आरोपों से घिरी हुई है. अहमदाबाद पूर्व से एआईसीसी (AICC) के पूर्व सोशल मीडिया हेड रोहन गुप्ता के अचानक बाहर निकलने और चंडीगढ़ सीट पर खींचतान ने सवाल खड़ा किया कि क्या पार्टी में अंदरखाने सब ठीक नहीं है.

इनकम टैक्स विवाद और चंडीगढ़ सीट को लेकर खींचतान

Advertisement

आयकर विवाद पर कांग्रेस की आंतरिक जांच कथित तौर पर पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष पवन बंसल और वर्तमान में पार्टी के लिए हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने के प्रभारी एक अन्य एआईसीसी पदाधिकारी की ओर से टालमटोल का इशारा कर रही है. एआईसीसी पदाधिकारी ने बंसल को आश्वस्त किया था कि वह आयकर विभाग के साथ विवाद को एक कमिश्नर के माध्यम से सुलझा लेंगे लेकिन यह डील कभी पूरी नहीं हुई.

बंसल अब चंडीगढ़ लोकसभा सीट से दावेदार हैं जिसका वह 1999 से 2014 तक प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. लेकिन बंसल को कांग्रेस के भीतर से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि आनंदपुर साहिब से पार्टी सांसद मनीष तिवारी की नजर अब चंडीगढ़ सीट पर है. बंसल का विवादों से पुराना नाता रहा है और कथित तौर पर अब उन्होंने गांधी परिवार के तीनों सदस्यों- सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी का समर्थन खो दिया है. अगस्त 2023 में जब कांग्रेस वर्किंग कमिटी का पुनर्गठन किया गया तो बंसल के कद को 'विशेष आमंत्रित सदस्य' के रूप में कम कर दिया गया जबकि पार्टी के अनौपचारिक पदानुक्रम में कोषाध्यक्ष तीन गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बाद आते हैं.

Advertisement

एक फोन और रोहन गुप्ता ने लौटा दिया टिकट  

यह सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन एआईसीसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहन गुप्ता की दिलचस्पी अहमदाबाद पूर्व सीट में तब पूरी तरह खत्म हो गई जब उन्होंने पार्टी के एक शीर्ष नेता को फोन करके बताया कि उन्होंने यह प्रतिष्ठित सीट कैसे हासिल की. पार्टी के कद्दावर नेता ने रोहन गुप्ता को बताया कि वह सिर्फ एक विकल्प हैं क्योंकि किसी और ने अहमदाबाद पूर्व से कांग्रेस का टिकट नहीं मांगा था. इसके बाद गुप्ता ने स्थानीय पत्रकारों को बताया कि किस तरह उनके बीमार पिता ने उनके हाथ बांध दिए थे. रोहन गुप्ता ने मीडियाकर्मियों से कहा, 'उनकी (रोहन गुप्ता के पिता) एकमात्र शर्त थी कि मुझे लिखित में देना होगा कि मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा तभी वह बात करेंगे. मुझे पता है कि इसका मेरे राजनीतिक करियर पर असर पड़ेगा लेकिन मुझे नहीं लगता कि लालच आपके पिता के सम्मान से बड़ा हो सकता है.'   

रोहन गुप्ता कांग्रेस में एक विवादास्पद व्यक्ति रहे हैं. हाल ही में हुए तेलंगाना राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें हैदराबाद में पार्टी के 'वॉर रूम' और मीडिया का प्रभारी बनाया गया था. हालांकि कुछ ही घंटों के भीतर एआईसीसी के संगठन प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उनकी जगह डॉ. अजॉय कुमार को नियुक्त कर दिया. इस अफवाह के अलावा कोई विश्वसनीय स्पष्टीकरण नहीं दिया गया कि गुप्ता की नियुक्ति का उसी व्यक्ति ने कड़ा विरोध किया था जिसे उन्होंने अहमदाबाद पूर्व सीट का टिकट मिलने के बाद फोन किया था.

Advertisement

दिलचस्प बात यह है कि जहां रोहन गुप्ता को अब कांग्रेस हलकों में संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है, वहीं वेणुगोपाल कथित तौर पर इस आधार पर एक सहानुभूति रखते हैं कि गुजरात में व्यावसायिक हित रखने वाले गुप्ता को अनजाने में सीट छोड़ने के लिए मजबूर किया गया होगा.  

2019 के बाद भी गुप्ता का नाम एक गुमनाम नोट में सामने आया था जिसने कांग्रेस के चुनावी अभियान की प्रमुख खामियों को उजागर किया था. इस नोट ने राहुल गांधी का ध्यान अपनी ओर खींचा था और तत्कालीन एआईसीसी प्रमुख ने इस बात की जांच का आदेश दिया था कि पार्टी का मीडिया और प्रचार अभियान टारगेट ऑडियंस तक पहुंचने में कैसे विफल रहा. नोट में निक्सन और गोल्डन रैबिट कम्युनिकेशंस का खासतौर से जिक्र किया गया था जिन्हें गुप्ता का करीबी माना जाता है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement