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तो बीजेपी नेताओं के जेल भेजने के लिए सत्ता में वापसी चाहती है कांग्रेस, खरगे तो यही कह गए

राहुल गांधी तो अभी तक बीजेपी नेताओं को कठघरे में ही खड़ा करते रहे हैं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तो उसके आगे का इरादा भी बता दिया है. मल्लिकार्जुन खरगे की बातों से लगता है अगर केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व में INDIA ब्लॉक की सरकार बनी होती तो अभी सरकार चला रहे लोग जेल भेजे जा चुके होते.

मल्लिकार्जुन खरगे बीजेपी नेताओं को जेल भेजने की बात क्यों कर रहे हैं? मल्लिकार्जुन खरगे बीजेपी नेताओं को जेल भेजने की बात क्यों कर रहे हैं?
मृगांक शेखर
  • नई दिल्ली,
  • 11 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST

कांग्रेस ने भले ही सत्ता में आने पर देश में जातीय जनगणना कराने का प्रस्ताव पास किया हो. राहुल गांधी भले ही सत्ता में आने पर पांच न्याय दिलाने की बात करते आ रहे हों, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA ब्लॉक के सत्ता में आने का असली मकसद तो मल्लिकार्जुन खरगे ने बता दिया है - वो तो सारे ही राजनीतिक दुश्मनों को जेल में डालने की बात करने लगे हैं. 

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का कहना है कि अगर कांग्रेस वाले गठबंधन की लोकसभा चुनाव में 20 सीटें और आ गई होतीं तो वे सारे लोग जेल भेजे जा चुके होते. मल्लिकार्जुन खरगे चुनावों के दौरान काफी गुस्से में भाषण देते हैं - और कई बार उनके भाषणों पर विवाद हुआ है, 2023 के विधानसभा चुनाव में तो बीजेपी को पांडव बताकर वो कांग्रेस की फजीहत भी करा चुके हैं. 

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए अनंतनाग की रैली में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस का गठबंधन देखने के बाद बीजेपी बौखला गई है... इसलिए बीजेपी जम्मू-कश्मीर की लिस्ट बार-बार बदल रही है... इतना घबरा गये हैं कि दो-तीन लिस्ट बदल दी है... बगावत शुरू हो गई है. इससे पता चलता है कि इंडिया गठबंधन की एकता से वे लोग कितना डरे हुए हैं.'

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जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस अब्दुल्ला परिवार की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ रही है. 

कांग्रेस की मंशा या मल्लिकार्जुन खरगे का राजनीतिक बयान?

रैलियों के दौरान नेताओं के भाषण को अब चुनावी जुमला करार दिया जाने लगा है. 2014 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काला धन के 15 लाख रुपये खाते में भेजने वाली बातों को भी बाद में बीजेपी नेता अमित शाह ने चुनावी जुमला करार दिया था - वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिमाचल प्रदेश चुनाव के दौरान जेल गाड़ी और बेल गाड़ी जैसी बातें बोल कर कांग्रेस नेताओं को टारगेट किया करते थे. 

मल्लिकार्जुन खरगे का कहते हैं, 'कहां गये 400 पार वाले? वो लोग 240 सीट पर सिमट गये... अगर हमें 20 सीटें और आ जातीं तो ये सारे लोग जेल में होते... ये लोग जेल में रहने के लायक हैं.' 

ऐसा बोलकर मल्लिकार्जुन खरगे क्या बताना चाहते हैं? क्या जम्मू-कश्मीर के लोग कांग्रेस नेता की ये बातें सुनकर कांग्रेस गठबंधन को वोट दे देंगे? क्या मल्लिकार्जुन खरगे बगैर किसी का नाम लिए जेल भेजे जाने की बात कर कोई और मैसेज देना चाहते हैं?

क्या मल्लिकार्जुन खरगे की बातों से जम्मू-कश्मीर के लोग खुश हो जाएंगे? क्या वो ये कहना चाहते हैं कि जिन लोगों की नीतियों की वजह से जम्मू-कश्मीर से धारा 370 खत्म की गई, उनसे वो बदला लेकर रहेंगे?

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क्या बीजेपी नेताओं को सत्ता में आने पर जेल भेजने की बात कर मल्लिकार्जुन खरगे धारा 370 खत्म किये जाने की तरफ भी कोई इशारा कर रहे हैं? राहुल गांधी तो अब सिर्फ स्टेटहुड वापस दिलाने की बात करते हैं, लेकिन क्या मल्लिकार्जुन खरगे धारा 370 पर भी कोई आश्वासन दे रहे हैं?

खरगे पर भी लटक रही जांच की तलवार

जब सोनिया गांधी और फिर राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी दफ्तर बुलाकर पूछताछ कर रहे थे, तो मीडिया से बातचीत में कई कांग्रेस नेता भी राहुल गांधी की गिरफ्तारी की आशंका जता रहे थे, लेकिन वैसा कुछ हुआ नहीं. 

वैसे राहुल गांधी के खिलाफ तो देश की कई अदालतों में मानहानि से जुड़े केस भी चल रहे हैं, और नेशनल हेरल्ड केस में वो और सोनिया गांधी भी जमानत पर हैं - और खुद मल्लिकार्जुन खरगे पर भी फिलहाल जांच की तलवार लटक रही है. 

कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलेपमेंट बोर्ड की तरफ से सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को बेंगलुरु के पास हाई-टेक डिफेंस एयरोस्पेस पार्क में पांच एकड़ जमीन अलॉट की गई है. ये ट्रस्ट मल्लिकार्जुन खरगे और उनका परिवार ही चलाता है. ट्रस्ट में मल्लिकार्जुन खरगे, उनकी पत्नी राधाबाई, बेटा प्रियांक खरगे, दामाद राधाकृष्ण दोड्डामणि और छोटा बेटा राहुल खरगे शामिल हैं.

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बीजेपी ने मल्लिकार्जुन खरगे पर वही आरोप लगाया है जो कांग्रेस, बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाती रही है. बीजेपी का आरोप है, मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक में सत्ता का दुरुपयोग करके ये जमीन हासिल की है. बीजेपी मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही है, लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरोपों को खारिज कर दिया है.

बीजेपी पर एजेंसियों के बेजा इस्तेमाल का इल्जाम तो बेमानी है

जब केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार हुआ करती थी तो अक्सर ये चर्चा रहती थी कि कि मुलायम सिंह यादव और मायावती जैसे नेता राजनीतिक वजहों से जांच एजेंसियों के निशाने पर रहते हैं. मायावती को लेकर तो खैर अब भी ऐसी बातें होती रहती हैं.

अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी का मुद्दा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद में भी उठा चुके हैं. देखा जाये तो 2014 से अब तक कांग्रेस के दो बड़े नेता जेल जरूर भेजे गये हैं - पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डी. शिवकुमार.

लेकिन ये भी ध्यान रहे कि चुनावों से पहले रॉबर्ट वाड्रा को भले ही जेल भेजे जाने की बातें होती रही हों, अब तक ऐसी नौबत नहीं आई है - और राहुल गांधी पर भी ऐसी कोई आंच अब तक महसूस नहीं की गई है. 

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कहीं मल्लिकार्जुन खरगे भी अरविंद केजरीवाल की तरफ अपनी स्टाइल में चैलेंज तो नहीं कर रहे हैं कि हिम्मत है तो गिरफ्तार करके दिखाओ?

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