
ममता बनर्जी को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केलॉग कॉलेज में भाषण के दौरान विरोध और 'गो अवे' जैसी नारेबाजी फेस करनी पड़ी है. लंदन की इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी राहुल गांधी की तरह बीजेपी के निशाने पर आ गई हैं.
ममता बनर्जी और राहुल गांधी से विदेशी धरती पर जुड़े विवाद में फर्क ये है कि तृणमूल कांग्रेस नेता पश्चिम बंगाल की कई घटनाओं को लेकर निशाने पर आई हैं, जबकि राहुल गांधी देश की राजनीति से जुड़े बयान देकर विवादों में घिर जाते हैं.
प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी से बंगाल में हुई हिंसक घटनाओं, आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर के मामले और संदेशखाली में महिलाओं के यौन शोषण की घटनाओं को लेकर सवाल पूछे जा रहे थे.
विरोध के कारण ममता बनर्जी को अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा. ममता बनर्जी ने अपने खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए अल्ट्रा-लेफ्ट और उनके सांप्रदायिक दोस्तों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि बीजेपी का दावा है कि ये काम बंगाली हिंदुओं ने किया है. और, इस बीच, लेफ्ट के छात्रों के संगठन SFI-UK यानी स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया जिम्मेदारी ली है.
ममता का विरोध और संघर्ष
ममता बनर्जी को विरोध जरूर फेस करना पड़ा, लेकिन उनका जुझारू तेवर भी देखने को मिला. ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों की बातें सुनी और अपनी तरफ से जवाब भी दिया. ऐसे भी मौके देखे गये जब ममता बनर्जी का जवाब सुनकर आडिएंस में बैठे लोगों ने जोर-जोर से तालियां भी बजाई.
जब विरोध प्रदर्शन करने वालों ने आरजी कर रेप-मर्डर केस का मुद्दा उठाया तो ममता बनर्जी कह रही थीं, थोड़ा जोर से बोलिये... मैं आपकी बात नहीं सुन पा रही हूं... मैं आपकी हर बात सुनूंगी... क्या आपको पता है कि ये केस पेंडिंग है?
ममता बनर्जी ने बताया कि आरजी कर केस अब उनके हाथ में नहीं है, क्योंकि जांच की जिम्मेदारी अब केंद्र सरकार के पास है. जब शोर नहीं थम रहा था तो ममता बनर्जी ने डपटते हुए कहा, यहां राजनीति मत करो... ये राजनीति का मंच नहीं है... मेरे स्टेट में जाओ और मेरे साथ राजनीति करो. ममता बनर्जी ने एक प्रदर्शनकारी को भाई संबोधित हुए सलाह दी कि वो अपनी पार्टी से कहे कि बंगाल में मजबूत होने की कोशिश करे, ताकि उनसे लड़ सके.
जब प्रदर्शन करने वाले काफी शोर मचाने लगे तो ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया थी, मेरा अपमान करके अपनी संस्था का अपमान मत करो... मैं देश की प्रतिनिधि बनकर आई हूं... अपने देश का अपमान मत करो. बाद में आयोजकों को आडिएंस के कड़े विरोध ने प्रदर्शनकारियों को वहां से जाने के लिए मजबूर भी कर दिया.
बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने सोशल साइट X पर ममता बनर्जी वाले इवेंट के कई वीडियो शेयर किये हैं, और दावा किया है कि प्रदर्शन करने वाले बंगाली हिंदू थे. बीजेपी ने केलॉग कॉलेज की घटना को बंगाल के लिए शर्मिंदगी करार दिया है. बीजेपी का कहना है कि विदेश में रहने वाले बंगाली हिंदू भी ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहते हैं, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस नेता ने बंगाल की विरासत को बर्बाद कर दिया है.
बाकी सवाल जवाब तो अपनी जगह रहे ही, लेकिन अर्थव्यवस्था को लेकर ममता बनर्जी का एक सवाल निराश करने वाला था. कार्यक्रम के होस्ट ने पूछा कि क्या भारत 2060 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा?
ममता बनर्जी का अजीब रिएक्शन था, 'मैं इससे अलग राय रखती हूं.'
अगर ममता बनर्जी मानती हैं कि भारत 2060 से पहले दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है, तब तो उनकी बात ठीक है. लेकिन, अगर ममता बनर्जी को लगता है कि तब तक भी भारत को ये उपलब्धि हासिल नहीं हो सकती, तो ये बात बेहद निराशाजनक है.
ऐसा भी तो हो सकता है कि किसी 2060 से पहले ममता बनर्जी केंद्र की सत्ता की कमान संभाल रही हों, या सत्ता में हिस्सेदार हों, तो भी क्या वो भारत को ये उपलब्धि नहीं दिला सकतीं? फिर, आखिर क्या उम्मीद की जाये?
कहीं ममता बनर्जी ये बात इसलिए तो नहीं कह रही हैं क्योंकि मौजूदा बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा नहीं कर सकते तो भी उनका राजनीतिक विरोध समझा जा सकता है, लेकिन अगर ममता बनर्जी कोई अलग राय रखती हैं, उसका तो मतलब यही हुआ कि वो ये समझ बैठी हैं कि 2060 तक सत्ता में बीजेपी ही रहेगी और उसके शासन में तो होने से रहा.
राहुल गांधी के विवादित बयान
देश की अर्थव्यवस्था को लेकर ममता बनर्जी की राय ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पुराने बयानों की याद दिला दी है - और सवाल उठता है कि विदेशी धरती पर ऐसी बातें क्यों की जाती हैं, जिनसे देश की छवि धूमिल होती हो.
1. अमेरिकी दौरे में राहुल गांधी ने कहा था, भारत में मौजूद कुछ लोग देश को बांटने में लगे हैं... हम विविधताएं और भाईचारे के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब ये खत्म किया जा रहा है. तभी राहुल गांधी ने भारतीय राजनीति में परिवारवाद को स्वाभाविक और सही ठहराने की कोशिश की थी.
2. राहुल गांधी के उस बयान पर भी खासा विवाद हुआ जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था, संविधान के अनुसार, भारत राष्ट्र नहीं है... उसके बजाय इसे राज्यों के संघ के रूप में बताया गया है.
3. ऐसे ही एक बार राहुल गांधी ने एक विदेशी इवेंट में बोल दिया था, पूरे देश में केरोसीन फैला हुआ है... और आग लगाने के लिए बस एक चिंगारी की जरूरत है.
4. ब्रिटेन दौरे में ही एक बार राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड से कर डाली थी, और जाहिर है बवाल तो मचेगा ही.
5. लंदन में भी राहुल गांधी ने बोल दिया था कि भारत में लोकतंत्र खतरे में है... और नेताओं के खिलाफ केस किये जा रहे हैं... संसद में विपक्षी नेताओं का माइक ऑफ कर दिया जाता है. केंद्र की सरकार पर राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं की जासूसी कराने के भी आरोप लगाये थे.