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'महाप्रभु के अपमान' पर ओडिशा के वोटर संबित पात्रा को सजा देंगे या उनकी सफाई पर संदेह का लाभ?

भगवान जगन्नाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना वाले अपने बयान पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा लगातार माफी मांग रहे हैं. संबित पात्रा का दावा है कि ऐसा जबान फिसलने के चलते हो गया - सवाल है कि संबित पात्रा की बातों का असर पुरी तक ही सीमित रहेगा, या फिर पूरे ओडिशा में बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ेगा?

ओडिशा में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने संबित पात्रा को घेर लिया है, और आंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच रही है. ओडिशा में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने संबित पात्रा को घेर लिया है, और आंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच रही है.
मृगांक शेखर
  • नई दिल्ली,
  • 21 मई 2024,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

संबित पात्रा ने ओडिशा में भगवान जगन्नाथ को लेकर जो बात कही है, अगर विपक्षी खेमे के किसी नेता ने कहा होता तो बीजेपी कहर ढा रही होती - और बीजेपी नेताओं के चौतरफा हमलों से हर तरफ कोहराम मच गया होता. संबित पात्रा तो बड़े आराम से सफाई भी दे रहे हैं, और सहज भाव से माफी भी मांग रहे हैं. 

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सवाल ये भी है कि क्या संबित पात्रा के बयान का उनके चुनावी प्रदर्शन पर भी कोई असर पड़ सकता है? और सवाल ये भी है कि क्या संबित पात्रा की बयानबाजी का खामियाजा बीजेपी को भी भुगतना पड़ेगा या इसका असर पुरी तक ही सीमित रहेगा?

2019 के आम चुनाव में भी संबित पात्रा ओडिशा के पुरी संसदीय क्षेत्र से ही उम्मीदवार थे, और बहुत मेहनत भी की थी लेकिन चुनाव हार गये थे. हार का फासला भी बहुत ज्यादा नहीं था - 12 हजार वोटों से ही हार गये थे. तब बीजेडी के पिनाकी मिश्रा ने संबित पात्रा को शिकस्त दी थी. 

पुरी लोकसभा सीट पर कांग्रेस और बीजेपी का ही दबदबा रहा है. 1952, 1962, 1971, 1980, 1984 और 1996 में यहां कांग्रेस का कब्जा रहा. कांग्रेस 6 बार दर्ज की है, और 1998 से ये लोकसभा सीट बीजेडी के पास है. 

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किस बात को लेकर फिसली संबित पात्रा की जबान?

20 मई को जब देश के कई हिस्सों में 5वें चरण के लिए लोग वोट डाल रहे थे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुरी में संबित पात्रा के समर्थन में रोड करने पहुंचे थे. पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के बाद जब रोड शो हुआ तो संबित पात्रा भी मोदी के साथ थे. पुरी के अलावा ढेंकानाल और कटक में भी मोदी की सभाएं हुईं, जहां छठे चरण यानी 25 मई को वोट डाले जाने हैं. 

हर जगह ओडिशा की नवीन पटनायक सरकार मोदी के निशाने पर रही. मोदी ने कहा कि 10 जून को ओडिशा में बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री शपथ लेगा और तीसरी बार मोदी सरकार दिल्ली में शपथ लेगी, ये भी तय है. 

चुनावी रैली में मोदी ने आरोप लगाया कि ओडिशा की बीजेडी सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचारियों के कब्जे में है... मुट्ठीभर भ्रष्टाचारी मुख्यमंत्री आवास और दफ्तर पर कब्जा करके बैठ गये हैं... बीजेडी के छोटे-छोटे नेता भी करोड़ों के मालिक बन गये हैं.

लेकिन संबित पात्रा के एक बयान ने मोदी की सारी मेहनत पर पानी फेरने जैसा काम किया है. एक ओड़िया न्यूज चैनल से बात करते हुए संबित पात्रा यहां तक कह गये कि भगवान जगन्नाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भक्त हैं.

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संबित पात्रा के बयान को लेकर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया के जरिये कड़ा विरोध जताया. नवीन पटनायक ने कहा, महाप्रभु श्री जगन्नाथ ब्रह्मांड के भगवान हैं... महाप्रभु को किसी इंसान का भक्त कहना भगवान का अपमान है... दुनिया भर में करोड़ों जगन्नाथ भक्तों और ओड़िया लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है... भगवान जगन्नाथ ओड़िया अस्मिता के सबसे महान प्रतीक हैं... बीजेपी नेता ने ओड़िया अस्मिता को चोट पहुंचाई है... लोग इसे याद रखेंगे. 

नवीन पटनायक की ही तरह विपक्ष के कई नेताओं के भी ऐसे ही बयान आये. जब तक संबित पात्रा वस्तुस्थिति को समझ पाते, बात फैल चुकी थी. जब तक कंट्रोल की कोशिश करते, बहुत ज्यादा डैमेज हो चुका था. 

नवीन पटनायक की सोशल मीडिया पोस्ट पर अपनी टिप्पणी में संबित पात्रा ने लिखा, पुरी में प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो की सफलता के बाद मैंने कई मीडिया चैनलों को बयान दिया... हर जगह मैंने कहा कि मोदी जी महाप्रभु जगन्नाथ के भक्त हैं... एक जगह गलती से मैंने उलटा बोल दिया... हम सब की जुबान कभी-कभी फिसल जाती है... इसे मुद्दा न बनायें.

आखिर मुद्दा कैसे न बने. लोकसभा का चुनाव चल रहा है. और ओडिशा में तो विधानसभा के लिए भी चुनाव हो रहे हैं. पांच साल में एक बार ऐसे मौका आता है - और जब चुनाव भी जंग की तरह लड़े जा रहे हों तो सब कुछ जायज है. 

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देर रात एक वीडियो जारी कर संबित पात्रा ने कहा है, महाप्रभु जगन्नाथ को लेकर मुझसे जो भूल हुई है, उसको लेकर मेरा मन दुखी है... मैं जगन्नाथ जी के चरणों में शीश झुकाकर माफी मांगता हूं... मैं अपनी गलती को सुधारने, और पश्चाताप के लिए अगले तीन दिन उपवास करूंगा.

संबित पात्रा ने बैठे बिठाये नवीन पटनायक को हमले का मौका दे दिया है

नवीन पटनायक तो ताक में बैठे हुए थे, संबित पात्रा ने एक गलती की और बीजेडी नेता ने तपाक से लपक लिया. नवीन पटनायक ने जिस तरह रिएक्ट किया है, संबित पात्रा बुरी तरह घिरे हुए नजर आ रहे हैं. ये तो जैसे को तैसे वाला हाल हो गया है.  

नवीन पटनायक ने संबित पात्रा के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह तक को चेतावनी दे डाली है, मैं बीजेपी से भगवान को किसी भी राजनीतिक प्रवचन से ऊपर रखने की अपील करता हूं.

संबित पात्रा को भी लगने लगा है कि भारी भूल हो गई है, और जैसे तैसे डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तो तीर कमान से निकल चुकी है. अभी 10 दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कंधमाल की एक रैली में मुख्यमंत्री को घेरने की कोशिश की थी, जिसका नवीन पटनायक ने चुन चुन कर जवाब दिया था. 

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नवीन पटनायक को चैलेंज करते हुए मोदी ने कहा था, मैं नवीन बाबू को चुनौती देना चाहता हूं... क्योंकि वो इतने लंबे समय तक सीएम रहे हैं, नवीन बाबू कागज देखे बिना ओडिशा के जिलों और उनकी राजधानियों के नाम बतायें... अगर मुख्यमंत्री जिलों का नाम नहीं बता सकते तो क्या उन्हें आपका दर्द पता चलेगा?

मोदी के चैलेंज पर नवीन पटनायक ने भी प्रधानमंत्री से कहा, क्या आपको 2014 और 2019 में किये गये वादे याद हैं? 10 जून को तो छोड़ दीजिये, दस साल भी हो जायें तो बीजेपी ओडिशा के लोगों का दिल नहीं जीत पाएगी. 

नवीन पटनायक का ने कहा, ओडिशा की जमीन के कई वीर बेटे हैं... आपने कितने नाम लिए? क्या उनमें से कोई भी आपको भारत रत्न के लायक नहीं लगा? भारत रत्न बांटते वक्त आप ओडिशा के वीर पुत्र बीजू पटनायक को भी भूल गए.

ओड़िया भाषा को लेकर नवीन पटनायक का कहना था, ओडिशा के लोग 24 साल से ये बात अच्छे से जानते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री जी आप ओडिशा को कितना जानते हैं? ओड़िया भाषा क्लासिकल भाषा होने के बाद भी इसे भूल गए... आपने 1000 करोड़ संस्कृत भाषा के लिए दिये लेकिन ओडिया के लिए कुछ नहीं दिया... आप ओडिसी संगीत को भी भूल गये... मैंने ओडिसी संगीत को क्लासिकल का दर्जा देने के लिए दो बार आपके पास प्रस्ताव भेजा और आपने दोनों बार प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया. 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा सरकार को भ्रष्टाचार के नाम पर घेर रहे थे, और नवीन पटनायक ने बीजेपी को उस मुद्दे पर घेर लिया है जिसकी बदौलत बीजेपी की राजनीति चलती है - आस्था, ईश्वर और हिंदुत्व. 

संबित पात्रा लगातार सफाई पर सफाई देते फिर रहे हैं - और तरह तरह से प्रायश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं - और इसीलिए सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या भगवान जगन्नाथ के अपमान परओडिशा के लोग संबित पात्रा को प्रायश्चित का मौका देंगे? और हां, बीजेपी को भी संदेह का लाभ मिल पाएगा क्या?

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