
विधानसभा चुनावों में बीजेपी गैस सिलेंडरों से जुड़ा कोई न कोई वादा अक्सर करती आ रही है. लोगों को सस्ते गैस सिलेंडर मुहैया कराने के मामले में बीजेपी की और से चुनावों में 450-500 रुपये तक भी दिलाने का वादे सुनने को मिल रहे हैं.
हरियाणा चुनाव में तो गैस सिलिंडर से जुड़े चुनावी वादे बीजेपी के साथ साथ कांग्रेस ने भी किया है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में बीजेपी का वादा कुछ ज्यादा ही एक्स्ट्रा नजर आ रहा है. बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव कैंपेन के दौरान जम्मू-कश्मीर में लोगों को ईद और मोहर्रम के मौके पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा किया है. ये बात अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में मेंढर की रैली में कही है.
अमित शाह के बयान पर क्या कह रहा है सोशल मीडिया
सोशल मीडिया साइट X पर एक यूजर गीता जिवाल का सवाल तो कटाक्ष भरा है, लेकिन बहुत ही छोटा सा है, 'और हिन्दू त्योहार पर?'
चंद्र प्रकाश पांडेय नाम के यूजर ने तो बीजेपी नेता की बात पर गुस्से का ही इजहार किया है, 'ये जिहादी बीजेपी को हराने की बात कर रहे हैं, और आप इनको मुफ्त में देने की बात कर रहे हैं.'
बोलता हिंदुस्तान ने अमित शाह की बात का हवाला देते हुए लिखा है, 'बस अब बकरीद पर कुर्बानी वाले जानवर भी उचित रेट पर दिलवाने का वादा कर दें, फिर सब मुस्लिम वोट उनका.'
अमित शाह के बयान की चर्चा करते हुए झारखंड कांग्रेस सेवादल के हैंडल से तंज भरे लहजे में लिखा गया है, जैसे यूपी में होली और दीवाली के मौके पर दो सिलेंडर मिल रहा होगा... और ,
ठीक उसी तरह जैसे राजस्थान में 450 रुपये में गैस सिलेंडर मिल रहा है... ये भाजपा वाले माहौल देखकर अपना वेष बदल लेते हैं, और जनता को तरह तरह के प्रलोभन देकर दिग्भ्रमित करने का काम करते हैं.'
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर पोस्ट किया है, 'अमित शाह ईद और मुहर्रम पर मुफ्त सिलेंडर देने का वादा कर रहे हैं... यूपी वाले होली दिवाली के मुफ्त सिलेंडर का अभी भी इंतजार कर रहे हैं शाह साहेब... जुबानी जमा खर्च करने में क्या जाता है!'
ये चुनावी जुमला है, या राजनीतिक रेवड़ी?
अपने समर्थकों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की बात और है, लेकिन बीजेपी नेता हिंदुओं और मुसलमानों के साथ बराबर व्यवहार करने वाले ही बयान देते रहे हैं. 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान पर काफी विवाद हुआ था. उससे पहले यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार रही, और तत्कालीन मुख्यमंत्री को टारगेट करते हुए मोदी ने कहा था कि अगर राज्य में कब्रिस्तान बनना चाहिये तो श्मशान भी बनना चाहिये. और वैसे ही, मोदी का कहना था कि अगर ईद और मोहर्रम पर बिजली नहीं कटती, तो होली और दिवाली पर भी बिलकुल वैसा ही होना चाहिये.
2014 के आम चुनाव में काले धन के 15-15 लाख रुपये देश के लोगों के खाते में लाकर डाल देने के मोदी के वादे को लेकर बीजेपी के राजनीतिक विरोधी हमेशा ही मजाक उड़ाते रहे हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तो शायद ही ऐसी कोई रैली होगी जब वो ऐसी बातें न करते हों. वैसे मोदी के चुनावी भाषण को लेकर अमित शाह पहले ही साफ कर चुके हैं कि मोदी ने जो भी कहा था वो एक चुनावी जुमला था, और चुनावों के दौरान ऐसी बातें होती रहती हैं.
वैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से मुफ्त की चीजें देने के वादे के खिलाफ रहे हैं. ये बात अलग है कि केंद्र सरकार बड़ी संख्या में गरीब तबके के लोगों को मुफ्त अनाज देती है, लेकिन अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं के मुफ्त बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं देने के वादों को वो रेवड़ी करार देते हैं - सवाल है कि मुफ्त गैस सिलेंडर देने का अमित शाह का वादा चुनावी जुमला है, या ये भी रेवड़ी वाली कैटेगरी में आता है?