
स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल को शुरुआती मोहलत के अलावा कभी मौका नहीं दिया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास में मारपीट की घटना के आरोप के बाद कुछ देर वो शांत जरूर बैठी रहीं, लेकिन दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत देने के बाद वो कभी चुप नहीं बैठीं. सोशल मीडिया के जरिये लगातार हमले बोलती रही हैं. स्वाति मालीवाल ने 13 मई को मुख्यमंत्री आवास में मारपीट का आरोप लगाया था, और दिल्ली पुलिस ने 16 मई को FIR दर्ज की थी.
अरविंद केजरीवाल को घेरने के लिए एक बार वो INDIA ब्लॉक के नेताओं को पत्र भी लिख चुकी हैं. लेकिन, किसी ने टाइम दिया या नहीं, कोई मिलने को तैयार हुआ या नहीं, कभी बताया भी नहीं - और फिर, काफी दिनों से जगह जगह जाकर दिल्ली में गंदगी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करके सवाल पूछती रही हैं.
हाल फिलहाल ऐसा कभी नहीं लगा कि टीम केजरीवाल की तरफ से स्वाति मालीवाल की मुहिम को गंभीरता से लिया जा रहा हो, या कोई बड़ा नेता आगे आकर उस पर रिएक्ट कर रहा हो - और तब, स्वाति मालीवाल ने अपने अभियान को आक्रामक बनाने का प्रयास किया है.
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल लोडिंग ऑटो लेकर विकासपुरी पहुंचीं, और लोगों के साथ सड़क से कूड़ा इकट्ठा करके अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर ले जाकर सड़क पर डाल दिया - जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया. सोशल साइट X पर स्वाती के हैंडल से हिरासत का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया कि 'अरविंद केजरीवाल ने पुलिस भेजकर अपने घर के बाहर से स्वाति मालीवल जी को अरेस्ट करवाया.'
स्वाति मालीवाल ने केजरीवाल के घर पर कूड़ा फेंका
सोशल साइट X के जरिये स्वाति मालीवाल ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी, 3 ट्रक भरकर कचरा लेकर केजरीवाल जी के घर पहुंचने वाली हूं… केजरीवाल जी डरना मत… जनता के सामने आना और देखना क्या हाल बनाया है दिल्ली का.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ अपनी मुहिम के तहत स्वाति मालीवाल ने विकासपुरी का दौरा किया था. बताते हैं कि वहां की महिलाओं ने सड़क पर फैले कचरे की शिकायत की थी.
स्वाति मालीवाल ने स्थानीय महिलाओं के साथ सफाई अभियान चलाया और तीन गाड़ियों में कूड़ा भरकर अरविंद केजरीवाल के आवास के पास पहुंच गईं. स्वाति मालीवाल का कहना था कि वो लोगों की समस्याओं पर अरविंद केजरीवाल से बात करने आई हैं, लेकिन जब पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया तो स्वाति मालीवाल ने सारा कूड़ा सड़क पर ही डाल दिया.
फिर स्वाति मालीवाल को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने भेज दिया. पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद स्वाति मालीवाल ने कहा कि उका प्रदर्शन दिल्ली की महिलाओं और नागरिकों की परेशानी उजागर करने के लिए था… शहर में कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां जाम हैं और सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. लोगों ने कई बार सरकार और एमसीडी से शिकायत की थी, लेकिन जब कोई एक्शन नहीं हुआ तो उनको ये कदम उठा पड़ा.
अरविंद केजरीवाल को आगाह करते हुए स्वाति मालीवाल ने कहा है, सुधर जाओ, नहीं तो जनता सुधार देगी… मैं न तो गुंडों से डरती हूं और न ही पुलिस से.
स्वाति मालीवाल की मुहिम कांग्रेस के लिए भी फायदेमंद
स्वाति मालीवाल पहले भी अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर काला पानी छिड़क चुकी हैं. 2 नवंबर, 2024 को स्वाति मालीवाल बोतल में काला पानी लेकर अरविंद केजरीवाल के घर पहुंची थीं. घर के बाहर पानी छिड़कने के बाद बोतल गेट के पास रख आई थीं.
स्वाति मालीवाल का कहना था, ये वही काला पानी है जो दिल्ली की जनता पी रही है. अरविंद केजरीवाल को कोई शर्म नहीं है… क्या दिल्ली में रहने वाले ये दूषित पानी पीएंगे? ये दिल्ली सरकार की नल से कोका-कोला की स्कीम है?
उस वक्त स्वाति मालीवाल ने दिल्ली की पानी सप्लाई ठीक नहीं किये जाने पर पूरा टैंकर भरकर पानी लेकर आने की धमकी दी थी. पानी तो नहीं, लेकिन कूड़ा लेकर तो डाल ही दिया है.
स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल के घर कचरा ऐसे वक्त डाला है जब वो यमुना के पानी में जहर मिलाने के आरोप को लेकर घिरे हुए हैं, और चुनाव आयोग ने नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है.
बदला लेना इंसान की फितरतों में शुमार है, लेकिन राजनीति में बदले के तौर तरीके अलग होते हैं, और फायदा-नुकसान देखकर मंशा तब्दील भी हो जाती है - स्वाति मालीवाल के मामले में क्या चल रहा है, ठीक से समझ में नहीं आ रहा है.
अरविंद केजरीवाल के साथियों का आरोप है कि स्वाति मालीवाल शुरू से ही बीजेपी के इशारे पर काम कर रही हैं, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ तो नजर नहीं आया है कि स्वाति मालीवाल को बीजेपी की केंद्र सरकार से कोई सीधा फायदा मिल रहा हो.
ऐसे मामलों में विशेष सुरक्षा मिल जाना एक मजबूत संकेत के रूप में देखा जाता रहा है. जैसा अरविंद केजरीवाल के दोस्त से दुश्मन बने कुमार विश्वास के केस में देखने को मिला था.
ये तो साफ है कि स्वाति मालीवाल की मुहिम से अरविंद केजरीवाल को नुकसान हो सकता है, लेकिन फायदा सिर्फ बीजेपी को होगा, ये भी तो नहीं कहा जा सकता. बीजेपी जैसा ही फायदा तो कांग्रेस को भी हो सकता है.