महाराष्ट्र में लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में प्रचार का दिन खत्म हो गया है. अब फैसले की बारी है. फैसला मतदाताओं करना है. सत्ता पक्ष के नेताओं ने तमाम दावे किए, विपक्ष ने तमाम वादे किए. घोषणापत्रों से लेकर चुनाबी बयानबाजियों तक चुनाव के चार-पांच फैक्टर सामने आए. क्या महाराष्ट्र के मतदाता भी इन्हीं मुद्दों पर वोट डालने वाले हैं? देखें दंगल.