सुप्रीम कोर्ट ने शहरी बेघरों के आवास से जुड़े एक मामले में मुफ्त की योजनाओं पर चिंता जताई है. कोर्ट ने कहा कि इन योजनाओं के कारण लोग काम करने को तैयार नहीं हैं और राज्यों और केंद्र सरकार के खजाने पर बोझ बढ़ता जा रहा है. महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक जैसे राज्यों में कई योजनाएं बंद करने या कटौती करने पर विचार हो रहा है. केंद्र सरकार भी कई योजनाओं के बजट में कटौती कर रही है. इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस जारी है. सुप्रीम कोर्ट ने मुफ्त की घोषणाओं के बजाय रोजगार के अवसर देने पर जोर दिया है.