कभी कहा जाता था कि नाम में क्या रखा है? लेकिन अब पहचान की राजनीति इस कदर हावी हो गई है कि गोत्र पर आर-पार हो रहा है. कल ममता ने चुनावी भाषण के बीच अपना शांडिल्य गोत्र बताया था. अब इस पर BJP के नेताओं के तंज के बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह रोहिंग्या तक पहुंच गए. उन्होंने पूछा है कि क्या रोहिंग्या का गोत्र भी शांडिल्य है? ऐसे में सवाल है कि क्या हिंदू वोटों की राजनीति से बंगाल का चुनाव जीता जाएगा? खासकर नंदीग्राम, जहां करीब 70% हिंदू हैं, वहां क्या खुद को ब्राह्मण बताने, चंडीपाठ करने और अब गोत्र बताने से ममता को वोट मिलेंगे? गौरतलब है कि इस बार बीजेपी के जय श्री राम के नारे की वजह से पूरे बंगाल में हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण का अनुमान लगाया जा रहा है. ऐसे में क्या ममता, बीजेपी के राजनीति का जवाब ढूंढ रही हैं? क्या हिंदू पहचान की राजनीति करना चुनावी मजबूरी बन गई है? क्या बंगाल की लड़ाई, गोत्र पर आई? देखें दंगल, रोहित सरदाना के साथ.
The second phase of Assembly elections in West Bengal will be held tomorrow, April 1, 2021. A total of 30 constituencies will go for voting in this phase. Mamata Banerjee tried everything that she never did before to woo the voters. West Bengal CM Mamata Banerjee pulled out the 'gotra' card during the last leg of campaigning in Nandigram and declared that she is 'Shandilya'. Now, BJP and AIMIM leaders have targeted Mamata Banerjee saying this is desperation speaking. Watch this episode of Dangal.