बॉर्डर पर क्यों किसानों की तरफ से लंबी लड़ाई चलने की दस्तक आ रही है? 26 दिन बाद किसानों ने अब अगले सात दिन के आंदोलन का एजेंडा तय कर दिया है. भूख हड़ताल से लेकर खून भरी चिट्ठी तक, घेराव से लेकर थाली बजाने तक. सब कुछ है आंदोलन के आगे के रोडमैप में. बातचीत की सरकारी चिट्ठी भी है, लेकिन कोई तारीख नहीं है. किसान बातचीत की सरकारी चिट्ठी पर कल फैसला लेंगे. चिंता की बात ये है कि किसानों के आंदोलन में क्या देशविरोधी ताकतों की घुसपैठ की दस्तक हो चुकी है? देखें दस्तक, सईद अंसारी के साथ.