पुरानी कहावत है कि बिन भय होत ना प्रीत. चीन ना एलएसी की मर्यादा को समझता है ना बातचीत को आदर देता है. भारत ने चीन की खतरनाक चाल और साजिशों को अच्छे से समझ लिया है. इसीलिए एलएसी पर अपनी सैनिक ताकत पूरी तरह बढ़ा दी है. तैयारी इस कदर है कि चीन का एक जवान होगा तो हमारे पांच तैनात होंगे. सवाल सिर्फ गलवान वैली या पैंगोंग झील पर ही चीनी खुराफातों का नहीं है. बल्कि चीन को हर ठिकाने पर ठिकाने लगाने की तैयारी हिंदुस्तान ने कर ली है. चाहे डेपसांग हो या दौलत बेग ओल्डी, चीन की जालिम नजर सियाचिन पर भी है और काराकोरम दर्रे पर भी लेकिन भारत ने अपनी फौजी आंखें वहां गड़ाकर रखी है. देखें ये रिपोर्ट.