चुनाव और चुनाव में जीत, सियासत का यही एकमात्र मकसद और कामयाब चरित्र होता है. बेशक इसके लिए विचारधारा में बदलाव ही क्यों ना करना पड़े, सबूत सामने है क्योंकि हिंदुत्व को लेकर कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस का अलग रुख रहा और अब मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले कुछ अलग धारा पर चल रही है पार्टी.
Election and victory in elections, this is the only purpose and successful character of politics. The evidence is in front because the Congress had a different stand regarding Hindutva in the Karnataka elections and now before the elections in Madhya Pradesh, the party is running on a different stream.