एक पुलिस अफसर चार महीने पहले एक खत लिखकर अपने सीनियर अफसर से कहता है कि अगर विकास दुबे और पुलिस की दोस्ती पर लगाम नहीं लगाई गई तो कुछ भी हो सकता है. और उस अफसर का डर सही निकला. चार महीने बाद विकास दुबे के हाथों जिन आठ पुलिसवालों की जान जाती है उनमें एक जान उस पुलिस अफसर की भी थी, जिसने ये खत लिखा था. यूपी पुलिस के नाम ये खत सबूत है इस बात का कि विकास दुबे जैसे गुंडों को पैदा कौन करता है.