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दंडवत प्रणाम करते हुए जयपुर से अयोध्या निकले 3 दोस्त, 5 महीने बाद होंगे रामलला के दर्शन, Video 

अयोध्या में राम लला के दर्शन करने के लिए जयपुर से 9 जनवरी को तीन दोस्तों मे दंडवत प्रणाम करते हुए यात्रा शुरू की है. मगर, 4 दिन बाद भी वे जयपुर को भी पार नहीं कर सके हैं. दरअसल, दिन में 5-7 किलोमीटर की ही दूरी दंडवत कर वे पूरी हो पाती है. ऐसे में उम्मीद है कि करीब पांच महीने बाद वे अपनी यात्रा को पूरा कर सकेंगे.

एक दिन में दंडवत करते हुए 5-7 किमी का ही सफर पूरा होता है. एक दिन में दंडवत करते हुए 5-7 किमी का ही सफर पूरा होता है.
विशाल शर्मा
  • जयपुर ,
  • 13 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के लिए हर कोई आतुर है. क्या महिलाएं और क्या पुरुष, हर कोई भगवान राम के दर पर धोक लगाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं., इसमें युवा पीढ़ी कहां पीछे रहने वाली है. जयपुर के भी 3 दोस्तों की की जोड़ी राम-लक्ष्मण और भगवान हनुमान से कम नहीं है. 

इन तीन दोस्तों ने जयपुर से अयोध्या दर्शन करने की ठानी है और अब वे दंडवत प्रणाम करते हुए वे जयपुर से अयोध्या के लिए रवाना हो गए हैं. दंडवत करते हुए यात्रा करने में कितना त्याग और तपस्या लगेगी, उसे शब्दों से बयां नहीं किया जा सकता है. 

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देखिए वीडियो... 

पांच महीने में पूरा होगा अयोध्या का सफर 

जयपुर से 9 जनवरी को दंडवत करते हुए अयोध्या को निकले रितेश धानका 4 दिन में जयपुर को भी पार नहीं कर सके हैं. दरअसल, यह डगर इतनी आसान नहीं है. इसलिए दिन में 5-7 किलोमीटर की ही दूरी दंडवत कर वे पूरी कर पा रहे हैं. 

ऐसे में अयोध्या पहुंचने में करीब 5 महीने का वक्त इन्हें लगेगा. हाथ में मन्नोत भरा नारियल लेकर दंडवत करते रितेश को देखकर रास्ते में हर कोई उन्हें प्रणाम करके आशीर्वाद भी लेते नजर आ रहे हैं. यही नहीं, कुछ लोग तो उन्हें आर्थिक मदद देकर उनके हौसलों को प्रणाम कर रहे हैं. 

राम मंदिर बनते देखने का मिला सौभाग्य- रितेश धानका 

रितेश धानका ने बताया कि रामलला के मंदिर को लेकर पीढ़ियों को वर्षों का इंतजार करना पड़ा. मगर, हमारा सौभाग्य है कि हमने राम मंदिर को बनते हुए देखा. इसके लिए उन्होंने मन में दंडवत दर्शन की ठानी और दोस्तों से इच्छा जाहिर की. इसके लिए उसके साथी मित्र रोहित मीणा ने हामी भरी. 

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मगर, रवि वर्मा ने जयपुर तक ही साथ निभाने की बात कही. आखिर में रितेश की भक्ति देख रवि वर्मा ने भी वापस घर लौटने से इनकार कर दिया और अयोध्या तक के सफर में कहीं नहीं रुकने का प्रण लिया. बता दें कि रितेश धानका छात्र है और उसका साथी रोहित मीणा प्राइवेट जॉब करता है. वहीं, रवि वर्मा कैटरिंग का काम करता है.

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