Advertisement

7 बेटियां फिर भी बेटे की चाहत ने बना दिया दानव... इच्छा पूरी नहीं कर सकी पत्नी तो की जान से मारने की कोशिश

महिला की 7 बेटियां हैं और दो बार उसका गर्भपात हो चुका है. महिला के मुताबिक, पति को बेटे की चाहत है, लेकिन उसे बेटा पैदा नहीं हुआ. महिला ने बताया पति ने मेरा गला दबाने की कोशिश की और ससुर ने भी मुझ पर हमला किया था.

पति ने की पत्नी को जान से मारने की कोशिश पति ने की पत्नी को जान से मारने की कोशिश
हरदेव सिंह झीता
  • श्रीगंगानगर,
  • 03 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 7:09 AM IST

राजस्थान के श्रीगंगानगर में पत्नी को बेटा पैदा नहीं हुआ तो पति ने उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की. महिला इससे पहले सात लड़कियों को जन्म दे चुकी है. जबकि दो बार उसका गर्भपात भी हो चुका है. पीड़ित महिला ने आरोपी पति और उसके घरवालों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई.

जानकारी के मुताबिक, हनुमानगढ़ जिले की रहने वाली एक महिला का विवाह श्रीगंगानगर के युवक के साथ हुआ था. शादी के बाद महिला गर्भवती हुई तो पति और ससुरालवालें उस पर बेटा पैदा करने का दबाव बनाने लगे. मगर, पहली संतान के रूप में बेटी हुई. इसके बाद ससुराल वालों ने उसे कई तरह की यातनाएं दी. जब वह दूसरी बार गर्भवती हुई तो उसने फिर से बेटी को जन्म दिया. इससे गुस्साए ससुराल वालों ने उसे परेशान करते हुए मायके भेज दिया. 

Advertisement

ससुरवालों ने चौथी बेटी को दिया किसी को गोद

महिला ने पति और उसके घरवालों के खिलाफ महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद पति उसे घर ले जाने के लिए राजी हुआ. तीसरी बार फिर से लड़की के पैदा होने पर उसे ससुराल वालों के गुस्से का सामना करना पड़ा. तीन संतानें होने के बावजूद उस पर बेटा पैदा करने का दबाव कम नहीं हो रहा था. इसके बाद महिला ने चौथी बार फिर से बेटी को जन्म दिया. फिर ससुराल वालों ने उस बेटी को किसी को गोद दे दिया. महिला को पांचवीं बेटी होने पर ससुराल वालों ने उसकी और बेटियों की देखभाल करनी बंद कर दी.

प्रसव के एक सप्ताह बाद कराई मजदूरी

महिला ने बताया की प्रसव के एक सप्ताह बाद ही पति ने उसे खेत में ले जाकर मजदूरी कराता था. इससे उसकी सेहत पर बुरा असर पड़ने लगा. उसकी हालत मरने जैसी हो गई थी. इसके बाद मारपीट के कारण उसका दो बार गर्भपात भी हुआ.

Advertisement

छठी बार गर्भवती होने पर डॉक्टर्स ने उसकी हालत देखते हुए चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर यह फिर गर्भवती हुई तो उसकी जान भी जा सकती है. बावजूद इसके बेटे की चाह में पति और ससुराल वालों ने डॉक्टर की चेतावनी को अनसुना कर दिया. फिर से उस पर बेटा पैदा करने का दबाव बनाया गया. 

बेटी को मर क्यों नहीं जाने देती- पति

सातवीं बार बड़ी मुश्किल से प्रसव हुआ. मगर, फिर भी उसे बेटी ही पैदा हुई. कुछ समय बाद उसकी सातवीं बेटी बीमार हो गई. इससे परेशान महिला उसके लिए दवाई लेने गई. इस पर उसके पति और ससुराल वालों ने कहा कि वह इस बेटी को मर क्यों नहीं जाने देती. इसके बाद उसके पति और ससुराल वालों ने नया मकान बनाने का बाहना करके उसके पास रखी नकदी और गहने छीन लिए.

पति और ससुर ने की जान से मारने की कोशिश 

इससे परेशान महिला ने पति का घर छोड़कर अपनी सात बेटियों के साथ गांव में पड़ोसी के घर में रहने लगी. एक दिन पति ने उसे बाहर बुलाया और मारने के इरादे से उसका गला दबा दिया. इस दौरान उसके ससुर ने भी उस पर पंखा गिरा दिया. चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे. उन्होंने बीच बचाव करते हुए उसकी जान बचाई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया. इसके बाद रानी ने पुलिस थाने में उसके पति और ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement