
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एक टीम ने उदयपुर में राजस्थान PCPDNT के एक शीर्ष अधिकारी को 1.25 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
एक आधिकारिक बयान के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक रवि प्रकाश मेहरदा ने कहा कि एसीबी को एक व्यक्ति से शिकायत मिली थी कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में PCPDNT (गर्भाधान पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक) के अधिकारी डॉ. जुल्फिकार अहमद काजी द्वारा उसे परेशान किया जा रहा है.
आधिकारिक बयान के मुताबिक काजी ने शिकायतकर्ता से जुड़े एक केंद्र पर सोनोग्राफी मशीन को सील न करने, सोनोग्राफी रजिस्टर वापस करने और उसे आगे परेशान न करने के लिए कथित रूप से 1.5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी.
मेहरदा ने कहा कि शिकायत के वेरिफिकेशन के बाद ACB की एक टीम ने रविवार को शिकायतकर्ता से 1.25 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा.
हाल ही में राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए महिला पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा था. महिला पटवारी की 10 महीने पहले ही नियुक्ति हुई थी और तीन दिन पहले ही उसकी सगाई हुई थी.
फतेहपुर तहसील कार्यालय में उदनसर पंचायत की महिला पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था. उन्होंने विरासत के नामांतरण के बदले में रिश्वत मांगी थी, जिसकी शिकायत मिलने के बाद सीकर की एसीबी टीम ने कार्रवाई की थी.
एसीबी के डीएसपी रविंद्र कुमार के मुताबिक शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उदनसर में विरासत के नामांतरण के लिए झुंझुनूं की रहने वाली पटवारी निकिता ने तीन हजार की रिश्वत मांगी. पटवारी ने तहसील कार्यालय में परिवादी से ये राशि मंगवाई. जैसे ही उसने कमरे के बाहर गैलेरी में रुपये लिए, वैसे ही उसे रंगे हाथों पकड़ लिया गया.