
राजस्थान के झुंझुनू में हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड की कोलिहान खदान में लिफ्ट टूटने के कारण जो 15 लोग 1875 फीट की गहराई में फंसे थे उनको बुधवार सुबह रेस्क्यू कर लिया गया. इनमें शामिल चीफ विजिलेंस ऑफिसर उपेंद्र कुमार पांडे की मौत हो गई. वह हादसे में गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे. अन्य तीन घायलों को इलाज के लिए जयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. झुंझुनू सरकारी अस्पताल शीशराम के नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि रेस्क्यू किए गए अन्य लोगों में से किसी के हाथ तो किसी के पैर में फ्रैक्चर हुआ है. एसडीआरएफ की टीम ने सीढ़ी की मदद से पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
लोगों को पहले 1875 फीट गहराई में टूटी लिफ्ट से बाहर निकाला गया और इसके बाद एक एक करके उन्हें सीढ़ी की मदद से खदान से बाहर लाया गया. झुंझुनू सरकारी अस्पताल के डॉ. प्रवीण शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू किए गए लोगों में से एक की गंभीर चोट लगने के कारण मौत हो गई, अन्य तीन की हालत गंभीर थी, उन्हें जयपुर में हायर मेडिकल सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया. अन्य लोगों का भी मेडिकल एग्जामिनेशन हुआ है. कुछ को हाथ में तो कुछ को पैर में चोटें आई हैं.
खदान के अंदर फंसे लोगों में हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे. अधिकारियों में केसीसी यूनिट (Khetri Copper Complex Unit) चीफ जीडी गुप्ता, दिल्ली से आए मुख्य सतर्कता अधिकारी उपेंद्र पांडे, कोलिहान खदान के उप महाप्रबंधक एके शर्मा शामिल थे. अन्य फंसे लोगों में पत्रकार विकास पारीक, विनोद सिंह शेखावत, एके बैरा, अर्णव भंडारी, यशोराज मीणा, वनेंद्र भंडारी, निरंजन साहू, करण सिंह गहलोत, प्रीतम सिंह, हरसीराम व भागीरथ शामिल थे. पत्रकार विकास पारीक फोटोग्राफी टीम के साथ खदान में उतरे थे.
खदान में फंसे लोगों में शामिल थे एचसीएल के बड़े अधिकारी
रेस्क्यू के दौरान मौके पर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात थी. खदान से रेस्क्यू किए जाने के बाद लोगों को तुरंत डॉक्टरों की देखरेख में एंबुलेंस में बैठाया गया और झुंझुनू सरकारी अस्पताल ले जाया गया. एसडीआरएफ की टीम मंगलवार देर रात ही खेतड़ी कोलिहान खदान के पास पहुंच गई थी और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था. खदान के निकासी द्वार पर आधा दर्जन एंबुलेंस को तैनात किया गया था. लिफ्ट को सपोर्ट करने वाली रस्सी टूटने से यह हादसा हुआ था. यह घटना तब हुई जब सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सतर्कता टीम निरीक्षण के लिए खदान के अंदर गई थी.
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों को माइन के अंदर ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वर्टिकल लिफ्ट की चेन टूटने के बाद यह 1875 फीट अंदर फंस गई. एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने लोगों को पहले लिफ्ट से बाहर निकाला उसके बाद उन्हें एक-एक करके खदान से बाहर निकालना शुरू किया. घटना पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने X पर एक पोस्ट में लिखा, 'झुंझुनूं के खेतड़ी में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की कोलिहान खदान में लिफ्ट की रस्सी टूटने से हुए हादसे की सूचना प्राप्त हुई. संबंधित अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से संचालित करने तथा प्रभावितों को हर संभव मदद व स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. मैं प्रभु से इस हादसे में घायल सभी नागरिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ व खदान में फंसे लोगों के सकुशल बाहर आने की कामना करता हूं.' (नैना शेखावत के इनपुट के साथ)