Advertisement

आसाराम 30 दिन के लिए जेल से आया बाहर, जोधपुर में कराएगा इलाज; HC से मिली पैरोल

आसाराम 2013 से ही जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है. उसे नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 2 सितंबर, 2013 को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था. जोधपुर की निचली अदालत ने उसे अप्रैल 2018 में इस केस में दोषी ठहराया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी. 

आसाराम इलाज के लिए 30 दिन के पैरोल पर जोधपुर सेंट्रल जेल से बाहर आया. (PTI Photo) आसाराम इलाज के लिए 30 दिन के पैरोल पर जोधपुर सेंट्रल जेल से बाहर आया. (PTI Photo)
अशोक शर्मा
  • जोधपुर,
  • 11 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 5:19 PM IST

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की तबीयत उम्र के साथ अब नासाज रहने लगी है. ऐसे में आसाराम को इस साल अगस्त में इलाज के लिए 7 दिनों की पैरोल मिली थी. उसने महाराष्ट्र के माधोबाग आयुर्वेद अस्पताल में अपना उपचार करवाया था. बाद में उसकी पैराल 5 दिन बढ़ा दी गई थी. लेकिन लंबे समय तक उसे वहां नहीं रखा जा सकता था, इसलिए वापस जोधपुर जेल ले आया गया.

Advertisement

इसके बाद आसाराम की ओर से राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर बेंच में एक अर्जी दाखिल करके इलाज के लिए लंबे पैरोल की मांग की गई थी. जोधपुर हाई कोर्ट ने निजी आयुर्वेद अस्पताल में उपचार कराने के लिए गत 7 नवंबर को उसकी 30 दिन की पैराल मंजूर कर दी थी. आज जोधपुर सेंट्रल जेल से पुलिस कस्टडी में आसाराम को निजी अस्पताल भेज दिया गया, जहां आयुर्वेद पद्धति से 30 दिन तक उसका उपचार चलेगा.

यह भी पढ़ें: नारायण साईं को मिली जमानत, जोधपुर जेल में बंद पिता आसाराम से 11 साल बाद होगी मुलाकात

तीन दिन पहले भी आसाराम को जोधपुर एम्स भेजकर चिकित्सीय जांच करवाई गई थी. अब वह निजी अस्पताल में अपना इलाज करवा रहा है, जिसका पूरा खर्च भी उसे ही वहन करना होगा. राजस्थान हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ ने इलाज के आसाराम की 30 दिन की पैराल मंजूर की. आसाराम को 11 साल में यह दूसरी बार इलाज के लिए पैरोल मिली है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: रेप मामले में सजा निलंबित करने से गुजरात HC का इनकार, अदालत ने खारिज की आसाराम की याचिका

हालांकि उसके वकील यशपाल राजपुरोहित ने हाई कोर्ट से मांग की थी कि आसाराम को तब तक पैराल मिले, जब तक उसे इलाज की आवश्यकता हो. लेकिन सरकारी अधिवक्ता दीपक चौधरी ने इसका विरोध किया और सिर्फ 30 दिन पैरोल देने की मांग अदालत से की. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने 30 दिन की पैरोल मंजूर की. बता दें कि आसाराम 2013 से ही जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है. उसे नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 2 सितंबर, 2013 को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था. जोधपुर की निचली अदालत ने उसे अप्रैल 2018 में इस केस में दोषी ठहराया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement