
राजस्थान सरकार की तस्वीर अब बिल्कुल स्पष्ट हो गई है. भजन लाल शर्मा को नया मुख्यमंत्री चुन लिया गया है. इसके अलावा राज्य में दो डिप्टी सीएम भी होंगे. राजस्थान सरकार में दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को डिप्टी सीएम बनाया गया है.
इसके अलावा राजस्थान विधानसभा के लिए अजमेर नॉर्थ से विधायक बने वासुदेव देवनानी को स्पीकर बनाया गया है. बताते चलें कि सीएम बने भजन लाल शर्मा पहली बार विधायक बने हैं. वे 4 बार प्रदेश महामंत्री रहे हैं. RSS और ABVP से जुड़े रहे हैं.
वे सांगानेर सीट से चुनाव जीते हैं. सांगानेर भाजपा का गढ़ है. ऐसे में भजन लाल शर्मा ने जीत दर्ज की. संगठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री पद की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा आइए जानें दो डिप्टी सीएम के बारे में...
प्रेमचंद बैरवा ने कांग्रेस के धाकड़ नेता को हराया
डिप्टी सीएम बने प्रेमचंद बैरवा जयपुर की दूदू विधानसभा सीट से विधायक बने हैं. 44 वर्षीय प्रेमचंद प्रेमचंद बैरवा ने इस बार कांग्रेस के धाकड़ नेता बाबूलाल नागर के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की. बैरवा ने नागर को 35,743 वोटों के अंतर से हराया. विधानसभा चुनाव में बैरवा को 116561 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहे बाबूलाल नागर को 80818 मत ही मिले.
राजघराने से आती हैं दूसरी डिप्टी सीएम दीया कुमारी
राजघराने से आने वाली दीया कुमारी ने विद्याधर नगर विधानसभा सीट से प्रचंड जीत हासिल की है. चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दीया कुमारी को 158516 वोट मिले हैं. जयपुर की राजकुमारी दीया कुमारी स्वर्गीय ब्रिगेडियर भवानी सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की बेटी हैं. उन्होंने 10 साल पहले राजनीति में कदम रखा और साल 2013 में सवाई माधोपुर से विधायक चुनी गईं. इसके बाद दीया ने साल 2019 में राजसमंद से लोकसभा का चुनाव भी जीता था.
बीजेपी ने इस साल दीया कुमारी पर भरोसा जताते हुए उन्हें जयपुर की विद्याधर नगर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था. दीया कुमारी की प्रारंभिक शिक्षा जयपुर के महारानी गायत्री देवी गर्ल्स पब्लिक स्कूल और नई दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से हुई. उन्होंने लंदन के चेल्सी स्कूल ऑफ आर्ट्स से पढ़ाई की है. अपने माता-पिता की इकलौती संतान होने के कारण वह अपनी दादी राजमाता गायत्री देवी की देखरेख में पली बढ़ी हैं.
अजमेर नॉर्थ से विधायक वासुदेव देवनानी बनीं स्पीकर
इसके अलावा अजमेर नॉर्थ से विधायक वासुदेव देवनानी को राजस्थान विधानसभा का स्पीकर बनाया गया है. वे 2003 से लगातार पांचवीं बार विधायक बने हैं. विधायक वासुदेव देवनानी पहले एबीवीपी प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. वासुदेव देवनानी संघ की भी पसंद माने जाते हैं.
CM को लेकर अंत तक था सस्पेंस
गौरतलब है कि एमपी और छत्तीसगढ़ में बीजेपी आलाकमान ने जिस तरह से फैसला लेकर सबको चौंका दिया, उसे देखकर राजस्थान में बीजेपी के सभी 115 विधायकों की उम्मीद जग गई थी कि बंद लिफाफे में उनका नाम भी हो सकता है. हुआ भी कुछ ऐसा ही.
बिना सीएम फेस के BJP ने लड़ा था चुनाव
छत्तीसगढ़ और एमपी की तरह राजस्थान में भी बीजेपी ने बिना सीएम चेहरे के चुनाव लड़ा था. बीजेपी इन चुनावों में पीएम मोदी के चेहरे पर जमीन पर उतरी. राजस्थान में 200 में से 199 सीटों पर हुई वोटिंग में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की है. पार्टी ने 115 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं, 69 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली.