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बीकानेर दलित युवती मर्डर केस... 15 दिन तक पीछा फिर अपहरण के बाद गैंगरेप

बीकानेर के खाजूवाला इलाके में 20 साल की युवती हर रोज कंप्यूटर कोचिंग के लिए आया करती थी. पीड़ित पिता का आरोप है कि बीते 15 दिन से दिनेश विश्नोई नाम का युवक बेटी का पीछा कर रहा था. बेटी ने उसे ऐसा करने से मना भी किया था.

दलित युवती की गैंगरेप के हत्या. दलित युवती की गैंगरेप के हत्या.
देव अंकुर
  • बीकानेर,
  • 22 जून 2023,
  • अपडेटेड 1:11 PM IST

राजस्थान के बीकानेर में दलित युवती के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या किए जाने के केस में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है. युवती के पिता का आरोप है कि एक युवक बेटी का पीछा किया करता था. 20 जून को बेटी कोचिंग के लिए गई हुई थी. तब युवक और दोनों पुलिसकर्मी बेटी को कमरे पर ले गए और उसके साथ गैंगरेप किया. फिर उसकी हत्या कर दी. इस मामले में पुलिस ने दोनों पुलिस कांस्टेबल को कस्टडी में लिया है. शव को पोस्टमार्टम कराया गया है. एसपी के आदेश पर दोनों पुलिस कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. मामले में आगे की जांच जारी है. 

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दरअसल, बीकानेर के खाजूवाला इलाके में 20 साल की युवती हर रोज कंप्यूटर कोचिंग के लिए आया करती थी. पीड़ित पिता का आरोप है कि बीते 15 दिन से दिनेश विश्नोई नाम का युवक बेटी का पीछा कर रहा था. बेटी ने उसे ऐसा करने से मना भी किया था.

20 जून को सुबह 10 बजे बेटी जब कोचिंग आई हुई थी तब दिनेश विश्नोई ने खाजूवाला थाने के दो कांस्टेबल भागीरथ  विश्नोई और मनोज  विश्नोई के साथ मिल कर बेटी को अगवा कर लिया. इसके बाद उसे अपने दोस्त के कमरे पर ले गए. वहां पर बेटी के साथ दोनों पुलिस कांस्टेबल, दिनेश और 2-3 अन्य लोगों ने गैंगरेप किया. इस दौरान बेटी की मौत हो गई.

आरोप है कि आरोपियों ने हत्या करने के बाद युवती का शव खाजूवाला के सिनेमा हॉल के पास ले जाकर फैंक दिया ताकि हत्या और सामूहिक बलात्कार के जुर्म का छिपाया जा सके. घटना की खबर मिलते ही सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम समेत कई पुलिस अधिकारी और पांच थानों पुलिस खाजूवाला पहुंची थी. 

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बीजेपी ने दिया पीड़ित परिवार के साथ धरना

20 तारीख को घटना सामने आई थी. 20 तारीख से लेकर 21 तारीख तक दो दिन जमकर हंगामा हुआ. पीड़ित परिवार के साथ-साथ भाजपा जिलाध्यक्ष जालम सिंह भाटी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने खाजूवाला पुलिस थाने के सामने धरना दिया. पीड़ित परिवार की मांग थी कि पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जाए और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाए. 

साथ ही पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की मांग की गई. मामले की जांच SOG से कराने और पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की गई. साथ ही कहा गया कि खाजूवाला पुलिस थाने को लाइन हाजिर किया जाए. 

पुलिसकर्मी सस्पेंड, शव पोस्टमार्टम को भेजा

पुलिस महानिरीक्षक ओम प्रकाश, पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम भी मौके पर पहुंचे थे. मामले में पुलिसकर्मियों के नाम सामने आने पर एसपी के उन्हें सस्पेंड कर दिया था. साथ ही दोनों पुलिसकर्मियों को पुलिस की निगरानी में रखा गया है. पीड़ित परिवार बेटी के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़ा हुआ था. अधिकारियों ने किसी तरह परिवार को शव के पोस्टमार्टम कराने के राजी किया और शव को मर्चुरी भिजवाया.

SIT करेगी जांच, 25 लाख का मुआवजा

मामले की गंभीरता को देखत हुए एसआईटी द्वारा जांच कराए जाने के आदेश जारी किए गए हैं. वहीं, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी गई है. मामले में आगे की जांच की जा रही है. 

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( इनपुट  - अपर्णेश गोस्वामी )

 

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