
बीकानेर के पूर्व राजपरिवार में प्रॉपर्टी विवाद अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है. अरबों की संपत्ति और ट्रस्ट को लेकर पूर्व विधायक और महाराजा करणी सिंह की बेटी राज्यश्री कुमारी और वर्तमान विधायक सिद्धि कुमारी आमने-सामने हैं. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ बीछवाल पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है.
पहली एफआईआर लक्ष्मी निवास होटल संचालक मैसर्स गोल्डन ट्राइंगल फोर्ट्स एंड पैलेस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सिद्धि कुमारी पर दर्ज की गई है. होटल प्रबंधन के राजीव मिश्रा का आरोप है कि 1999 में हुए 57 साल की लीज के समझौते के बावजूद सिद्धि कुमारी और उनकी बहन महिमा कुमारी ने 2011 तक उनसे चार करोड़ रुपये वसूल लिए और लीज आगे नहीं बढ़ाने पर पैसे वापस नहीं लौटाए.
राजपरिवार में प्रॉपर्टी विवाद थाने पहुंचा
दूसरी एफआईआर सिद्धि कुमारी से जुड़े ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष संजय शर्मा ने राज्यश्री कुमारी और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज कराई है. शर्मा ने आरोप लगाया है कि देवस्थान विभाग द्वारा बोर्ड ऑफ ट्रस्टी का नाम संशोधित किए जाने के बाद जब 29 मई 2024 को ट्रस्ट का चार्ज लिया गया, तो पाया गया कि महत्त्वपूर्ण दस्तावेज और सामान गायब हैं. इस मामले में राज्यश्री कुमारी के अलावा मधुलिका कुमारी और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
राज्यश्री कुमारी और सिद्धि कुमारी आमने-सामने
सिद्धि कुमारी और राज्यश्री कुमारी के बीच यह विवाद नया नहीं है. 11 महीने पहले भी सिद्धि कुमारी ने राज्यश्री पर धोखाधड़ी और गलत तथ्य पेश करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी. राजपरिवार की यह लड़ाई अब खुलकर सामने आ चुकी है और इसका असर केवल महलों तक सीमित न रहकर सार्वजनिक हो गया है.