
बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कई राजस्थान पेपर लीक केस को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए. उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं की मेहनत पर पर डाका डालने वाले सुरेश ढाका की मित्र स्पर्धा चौधरी के निवास पर आज ED पहुंची. मैंने पहले ही इस नाम का खुलासा किया था और मीडिया से यह भी कहा था की अशोक गहलोत की पुलिस पेपर लीक के मुख्य आरोपी सुरेश ढांका को को पकड़ना नहीं चाहती है.
सांसद मीणा ने कहा कि अगर, सुरेश ढांका पकड़ में आता तो कांग्रेस के दजर्नों विधायक और राजस्थान सरकार के आधा दर्जन मंत्रियों के नाम सामने आ जाते. यहीं कारण है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस जांच में RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा को गिरफ्तार कर ठंडे बस्ते में डालने का काम किया है.
'दिनेश खोड़निया गहलोत सरकार का राजदार'
सांसद मीणा ने कहा है कि मैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी दिनेश खोड़निया के बारे में जांच एजेंसियों को बता चुका हूं. पेपर लीक मामले में दिनेश की संलिप्तता है. आज ED भी इनके डूंगरपुर निवास पर पहुंची. डॉक्टर मीणा ने कहा कि दिनेश खोड़निया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के काले धन का राज़दार है.
'बाबूलाल कटारा की नियुक्ति 1 करोड़ रुपए में हुई'
दिनेश ने ही RPSC में बाबूलाल कटारा की नियुक्ति अशोक गहलोत को 1 करोड़ रुपए देकर कराई. इसी दिनेश खोड़निया ने RPSC अध्यक्ष संजय कुमार श्रोत्रिय के द्वारा वरिष्ठ अध्यापक से पेपर तैयार करवाने की जिम्मेदारी दिलवाई, जो की नियमों के विरुद्ध थी. RPSC अध्यक्ष और दिनेश खोड़निया ने मिलकर पेपर लीक करवाए हैं. मेरी मांग है की RPSC अध्यक्ष से तुरंत पूछताछ कर गिरफ्तार करना चाहिए.
लॉकर में 50 लाख रुपए और 50 किलो सोना
सांसद मीणा का कहना है कि गणपति प्लाजा में रोयरा सेफ्टी वॉल्ट्स लाकर्स में अशोक गहलोत सरकार के करीबी लोगों ने भ्रष्टाचार से अर्जित कर काला धन छुपा रखा है. मेरा दावा है कि इन लॉकर में 500 करोड़ रूपए और 50 किलो सोना है. जयपुर पुलिस ने इन लॉकर को सीज किया है. शुक्रवार शाम को आईटी टीम भी प्लाजा पहुंची और जांच शुरू कर दी है.