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दुल्हन भागी तो 13 दिन मंडप में ही बैठा रहा दूल्हा, फिर प्रेमी से बेटी को छुड़ा लाया पिता, तब हुए सात फेरे

विवाह में सात फेरों के आधे घंटे पहले पेट दर्द और उल्टी बहाना बनाकर दुल्हन भाग गई थी. उधर, दूल्हा अपने परिजनों के साथ दुल्हन को साथ ले जाने की जिद पर अड़ा हुआ था और 13 दिनों तक ससुराल में बैठा रहा. फिर पता लगाकर दुल्हन को 13 दिन बाद वापस लाया गया तब जाकर शादी पूरी हुई.

दुल्हन को वरमाला पहनाता हुआ दूल्हा. दुल्हन को वरमाला पहनाता हुआ दूल्हा.
भारत भूषण जोशी
  • पाली,
  • 29 मई 2023,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST

बारातियों के स्वागत के साथ ही सभी रस्में हो गई थीं. सुबह के वक्त बजे दूल्हा-दुल्हन के फेरे होने वाले थे. इससे पहले ही पेट दर्द और उल्टी बहाना बनाकर दुल्हन मंडप से घर अंदर गई और पीछे से अपने प्रेमी संग भाग निकली. पता चलने पर परिजनों के होश उड़ गए. उधर, दूल्हा अपने परिजनों के साथ दुल्हन को साथ ले जाने की जिद पर अड़ा हुआ था और ससुराल में बैठा इंतजार करता रहा. फिर जैसे-तैसे पता लगाकर करीब 13 दिन बाद लड़की को वापस लाया गया. बाकी के रस्म- रिवाज पूर्ण कराए गए और रीति रिवाज के अनुसार उसकी विदाई की गई.

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राजस्थान के पाली जिले के बाली उपखंड का यह मामला है. यहां सैणा गांव में सकाराम की बेटी मनीषा की शादी थी. उसका रिश्ता सिरोही जिले के मणादर गांव निवासी श्रवण कुमार के साथ तय हुआ था. तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दूल्हा श्रवण बारातियों के साथ 3 मई को सेगा गांव पहुंचा. जहां वधू पक्ष ने बारातियों की खूब अच्छी आवभगत की. सबकुछ सही चल रहा था. 

4 मई को सुबह फेरों से पहले सुबह 6.15 बजे पंडित जी ने फेरों की रस्म के लिए दुल्हन को मंडप में बुलाने के लिए कहा. इस पर तबीयत खराब होने की बात पर थोड़ी देर इंतजार करने के लिए कहा गया.

उधर, पेट दर्द और उल्टी  होने की बात कहकर दुल्हन मनीषा मकान के पीछे टंकी के पास जा पहुंची. जहां पहले मौजूद रिश्ते में चचेरे भाई के साथ फरार हो गई. काफी देर तक मनीषा वापस नहीं लौटी तो उसकी मौसी ने जाकर देखा. बेटी को आसपास न देख परिजनों के होश उड़ गए.

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दुल्हन के वापस आने पर हुए सात फेरे.

दुल्हन के पिता सकाराम ने बताया कि उनकी बेटी मनीषा फेरों से पहले तैयार होने अंदर कमरे में गई थी. इस दौरान उसने पेट दर्द का बहाना बनाया और शौचालय के बहाने घर के पीछे चली गई थी. जहां भगाकर ले जाने वाला लड़का पहले से तैयार था. लड़की के पिता ने बताया कि आरोपी उनके मामा के बेटे शिवलाल का बेटा भरतकुमार है और वह भाटूंद का रहने वाला है.  

दुल्हन के लौटने पर हुईं विवाह की अधूरी रस्में.

वहीं, दूल्हा परिजनों के साथ दुल्हन को साथ ले जाने की जिद पर अड़ा हुआ था और 13 दिनों तक ससुराल में बैठा रहा. दुल्हन के इंतजार में दूल्हे ने अपनी पगड़ी भी नहीं उतारी थी. वहीं, घर के आंगन में मंडप भी सजा रहा. आखिरकार पता लगने के बाद 15 मई को दुल्हन को गुजरात से जैसे-तैसे लाया गया. फिर इंतजार कर रहे दूल्हे के साथ 16 मई के दिन दुल्हन को विदा कर दिया गया. 

 

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