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कैंटीन संचालक हुस्न के जाल में फंसा, Indian Army की गुप्त सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को भेजीं, जासूस चढ़ा जांच एजेंसियों के हत्थे

पाकिस्तानी एजेंट अनीता ने श्रीडूंगरगढ़ के लखासर निवासी विक्रम सिंह (31) को हनीट्रैप में फंसाकर सामरिक महत्व की गुप्त सूचनाएं हासिल कर लीं. अब इंटेलिजेंस कंपनियां दूसरे एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं विक्रम सिंह पैसे लेकर जानकारी तो नहीं दे रहा था. अब एजेंसियां विक्रम सिंह के बैंक खातों की पड़ताल भी कर रही हैं.

कैंटीन संचालक को हनीट्रैप में फंसाकर ISI की एजेंट ने हासिल की सूचनाएं. कैंटीन संचालक को हनीट्रैप में फंसाकर ISI की एजेंट ने हासिल की सूचनाएं.
aajtak.in
  • बीकानेर ,
  • 28 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 3:35 PM IST

Rajasthan News: बीकानेर के महाजन फायरिंग रेंज में एक कैंटीन संचालक को राजस्थान पुलिस और आर्मी की इंटेलिजेंस ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है.  आरोपी को जांच एजेंसियों अब  गहन पूछताछ के लिए जयपुर ले गई हैं. है? लगभग 1 साल से जासूस विक्रम सिंह बीकानेर के महाजन फायरिंग रेंज के ईस्ट कैंप में कैंटीन संचालन कर रहा है.  
 
शुरुआती जांच में यह मामला हनीट्रैप का लग रहा है. पाकिस्तानी एजेंट अनीता ने श्रीडूंगरगढ़ के लखासर निवासी विक्रम सिंह (31) को हनीट्रैप में फंसाकर सामरिक महत्व की गुप्त सूचनाएं हासिल कर लीं. अब इंटेलिजेंस कंपनियां दूसरे एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं विक्रम सिंह पैसे लेकर जानकारी तो नहीं दे रहा था. अब एजेंसियां विक्रम सिंह के बैंक खातों की पड़ताल भी कर रही हैं.

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भारत के लिए बेहद चिंता की बात 

कुछ दिनों पहले यहां संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी युद्धाभास किया था और अभी वर्तमान में भारत और जापान के बीच में संयुक्त युद्धाभास महाजन फायरिंग रेंज में चल रहा है. अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह चिंता का विषय बन गया कि किस प्रकार की सूचना विक्रम सिंह ने भेजी हैं. महाजन फायरिंग रेंज की वीडियो, फोटो, गुप्त सूचनाओं और महाजन फायरिंग रेंज फील्ड में विदेशी यूद्धाभास की गुप्त जानकारियां तो नहीं भेजी हैं?

5- 6 बार ISI एजेंट अनीता से बातचीत की

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस  संजय अग्रवाल के अनुसार,  प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि अवैध ऐप ( कॉलर आईडी स्पूफिंग) के जरिए आरोपी ने 5- 6 बार आईएसआई की एजेंट अनीता से बातचीत की है. इस तरह के अवैध ऐप से कॉल को ट्रेस करने के लिए अत्याधुनिक उपकरण की जरूरत होती है. यह उपकरण आईबी और एमआई के पास में है. अब यह इंटेलिजेंस एजेंसी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि किस प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी को यहां से पाकिस्तान और विदेशों भेजा गया. 

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(रिपोर्ट: कुलदीप चारण)

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