
Rajasthan News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सपत्नीक जगतपिता ब्रह्मा के दर्शन करने के लिए पुष्कर पहुंचे. अजमेर जिले स्थित पुष्कर के पुष्करा रिज़ॉर्ट में अपने पुत्र वैभव यादव की शादी करने के लिए मोहन यादव दो दिन के लिए आए हुए थे. शुक्रवार की शाम को मोहन यादव पुष्कर पहुंचे. शादी की कुछ रस्में अदा करने के बाद देश-प्रदेश की खुशहाली के लिए और नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनें, इसके लिए जगत पिता ब्रह्मा जी से मनोकामना मांगी और पुष्कर सरोवर की पूजा अर्चना की.
मोहन यादव ने बहुत ही साधारण तरीके से अपनी यात्रा की ताकि ज्यादा लोगों को तकलीफ नहीं हो. हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने आधे घंटे पहले ही पुष्कर सरोवर और ब्रह्मा मंदिर खाली कर दिया था. लेकिन फिर भी किसी भी मुख्यमंत्री आने की वजह से स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी होती थी, उस प्रकार से मोहन यादव के आगमन से लोगों को परेशानी नहीं हुई. रिज़ॉर्ट में मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव और पुत्रवधू शालिनी यादव का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न हुआ.
मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव ने धोए चरण
घाट पर पूजा-अर्चना के बाद मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव ने अपने पति मोहन यादव के चरण धोए और आशीर्वाद लिया. इस धार्मिक परंपरा को देखकर हर कोई अचंभित था.
मोहन यादव ने स्वयं की जेब से दी दक्षिणा
अब तक पुष्कर आने वाले कई मुख्यमंत्री शामिल हैं. पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री के साथ चलने वाले अधिकारी ही पंडितों को दक्षिणा देते थे. लेकिन मोहन यादव ने उपस्थित सभी दक्षिणास्वरूप ब्राह्मणों को 500-500 रुपए अपने हाथों से आशीर्वाद लिया.
मोहन यादव के जगत पिता ब्रह्मा मंदिर पहुंचने पर पूर्व पालिका अध्यक्ष शिव स्वरूप महर्षि, मंडल अध्यक्ष पुष्कर नारायण भाटी, महामंत्री अरुण वैष्णव पार्षद मुकेश कुमावत, रोहन बाकोलिया, शंभू चौहान, मनीष सोनी, लाभांशु वैष्णव ,अशोक पाराशर उर्फ जम्मू, धर्मेंद्र नागोरा सहित कई नेताओं ने उनका माला पहनकर स्वागत किया.
ब्रह्म घाट पहुंचने पर तीर्थ पुरोहित संघ ट्रस्ट की ओर से विमल अदाली, गोविंद पाराशर, संजय पाराशर ने उनका स्वागत किया. पुष्कर सरोवर की पूजा अर्चना शिव स्वरूप महर्षि व उनके भाई विजय स्वरूप महर्षि ने कराई.