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अलवर: महिला इंजीनियर को ठगों ने 3 घंटे किया 'डिजिटल अरेस्ट', मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी संगठनों से जुड़े केस में फंसाने की दी धमकी

अलवर के मनु मार्ग क्षेत्र में रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर आर्शी को मंगलवार को साइबर ठगों ने 'डिजिटल अरेस्ट' कर तीन घंटे तक डराया-धमकाया. आरोपियों ने खुद को आरबीआई, ईडी और सीबीआई का अधिकारी बताते हुए महिला को आतंकी संगठनों से फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी.

AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर). AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर).
हिमांशु शर्मा
  • अलवर,
  • 26 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:55 PM IST

राजस्थान के अलवर में रहने वाली महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर को मंगलवार को साइबर ठगों ने 'डिजिटल अरेस्ट' कर तीन घंटे तक डराया-धमकाया. आरोपियों ने खुद को आरबीआई, ईडी और सीबीआई का अधिकारी बताते हुए महिला को आतंकी संगठनों से फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी. इसी बीच जब महिला की हालत खराब होने लगी. फिर वहां मौजूद उसके पति ने तुरंत फोन काट दिया और मामले की सूचना परिजनों और साइबर थाना पुलिस को दी.

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जानकारी के मुताबिक, अलवर के मनु मार्ग हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले फलित गुप्ता पेशे से व्यापारी हैं और उनकी पत्नी अर्शी गुरुग्राम की एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. मंगलवार दोपहर करीब एक बजे अर्शी के पास एक कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को आरबीआई अधिकारी बताया और उसे अपनी बातों में फंसाकर धीरे-धीरे उससे जानकारी निकालनी शुरू कर दी. उसने अर्शी का आधार कार्ड नंबर ले लिया. उसकी नौकरी और सैलरी के बारे में पूछा. उसके परिवार के बारे में भी जानकारी ली.

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'वीडियो कॉल पर गवाही देने के लिए कहा'

इसके बाद उसने अर्शी को डिजिटल अरेस्ट की जानकारी दी. इस दौरान कॉल करने वाले ने उसे कमरे का दरवाजा बंद करने को कहा और किसी को इस बारे में न बताने का आदेश दिया. उसके कहे अनुसार अर्शी उसका पालन करती रही और वह पूरी तरह से उसकी बातों में फंस गई. उसने हैदराबाद पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी और ईडी अधिकारी बनकर फोन पर अलग-अलग लोगों से बात कराई. फिर अर्शी को वीडियो कॉल पर गवाही देने के लिए कहा.

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'पति को भी आरोपियों ने अपनी बातों में फंसाया'

इस दौरान उसने पीड़िता को अरेस्ट वारंट भेजा और सोशल मीडिया पर अन्य दस्तावेज भी भेजे. यह देखकर पीड़िता उसकी बातों में फंस गई और जैसा उसने कहा वैसा करती रही. इस बीच वहां पहुंचे उसके पति को भी आरोपियों ने अपनी बातों में फंसा लिया और एक घंटे तक डिजिटल नजरबंद रखा. इस दौरान आरोपियों ने उसे वीडियो कॉल पर आतंकी संगठनों से फंडिंग करवाने, आतंकी संगठनों के लिए काम करने, मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसवाने समेत कई धमकियां देनी शुरू कर दीं. यह सुनकर अर्शी की तबीयत बिगड़ने लगी और वह रोने लगी.

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'बेटे और पति को जान से मारने की दी धमकी'

ठगों की बातें सुनकर वह हैरान रह गई. यह देख उसके पति ने तुरंत कॉल काट दी. इसके बाद उसने अपने परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी. परिजनों की सलाह के बाद उसने अलवर साइबर पुलिस को मामले की जानकारी दी. पीड़िता ने बताया कि वीडियो कॉल पर थाने के फोटो और वीडियो दिखाई दे रहे थे. कॉल करने वाले लोग पुलिस की वर्दी में नजर आ रहे थे. वे उसके बेटे और पति को जान से मारने की धमकी दे रहे थे. साथ ही कई बड़े मामलों में फंसाने और बड़े आतंकी संगठनों का नाम लेने की बात भी कह रहे थे. इस घटना को लेकर पीड़िता और उसका परिवार काफी डरा हुआ है. 

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लोगों को सावधान रहने की जरूरत

अलवर साइबर थाने के सीआई श्रीराम मीना ने बताया कि लोगों को लगातार जागरूक करने का काम किया जा रहा है. इस संबंध में शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जिन नंबरों से कॉल आए थे, उनसे संपर्क किया गया. इस तरह के मामले पूरी तरह से फर्जी होते हैं और जालसाज लोगों को अपनी बातों में फंसाकर ठगी करते हैं. ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.

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