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जोधपुर से जीत की हैट्रिक, मोदी 3.0 में तीसरी बार भी कैबिनेट मंत्री... जानिए कौन हैं गजेंद्र सिंह शेखावत?

लोकसभा चुनाव में राजस्थान की जोधपुर सीट से बीजेपी के गजेंद्र सिंह शेखावत ने जीत दर्ज की है. उन्होंने यहां से जीत की हैट्रिक लगाई है. कांग्रेस के करण सिंह को हराया है. गजेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में लगातार तीसरी बार मंत्री बनने हैं. इस बार उन्हें संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है.

जोधपुर से बीजेपी सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत. जोधपुर से बीजेपी सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 जून 2024,
  • अपडेटेड 7:23 AM IST

एनडीए संसदीय दल के नेता नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बन गए हैं. उन्होंने शाम 7.15 बजे पीएम पद की शपथ ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. मोदी 3.0 सरकार की तस्वीर भी एकदम साफ हो गई है. राजस्थान की जोधपुर सीट से जीत की हैट्रिक लगाने वाले बीजेपी के दिग्गज नेता गजेंद्र सिंह शेखावत (56 साल) भी तीसरी बार कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है. छात्र राजनीति से करियर शुरू करने वाले शेखावत तीसरी बार मोदी सरकार में मंत्री बनाए गए हैं. उन्हें संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है.

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गजेंद्र सिंह शेखावत ने साल 2014 में पहली बार चुनाव लड़ा था और कांग्रेस की चंद्रेश कुमारी को हराकर इस सीट पर कब्जा किया था. उसके बाद उन्होंने 2019 में राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को हराया था.

लगातार तीसरी बार जोधपुर से जीते शेखावत

2024 में बीजेपी ने तीसरी बार फिर गजेंद्र पर भरोसा जताया और जोधपुर सीट से मैदान में उतारा. गजेंद्र ने यह चुनाव भी अच्छे मार्जिन से जीता. गजेंद्र को 730056 वोट मिले. कांग्रेस के करण सिंह उचियारड़ा को 614379 वोट मिले. गजेंद्र ने 115677 वोटों से चुनाव जीता.

तीसरी बार मंत्री बने शेखावत

गजेंद्र सिंह शेखावत पहली बार 2014 में जोधपुर से लोकसभा सीट से चुने गए और सितंबर 2017 में उन्हें कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री बनाया गया था. शेखावत ने जोधपुर शहर में एयरपोर्ट के विकास से लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विस्तार तक में योगदान दिया. 2019 के चुनाव में शेखावत ने जोधपुर सीट पर अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को 2.7 लाख से ज्यादा वोटों से हराया था. अशोक गहलोत खुद 1980 से पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

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गजेंद्र को अपने वक्तृत्व कौशल के लिए जाना जाता है. वे अपने क्षेत्र में 'गज्जू बन्ना' के नाम से चर्चित हैं. 31 मई 2019 को शेखावत को जल शक्ति मंत्रालय दिया गया और उन्होंने मोदी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट 'हर घर नल से जल' परियोजना को मूर्त रूप दिया. शेखावत ने 2024 तक सभी घरों में जल से नल उपलब्ध कराने के मिशन पर जोर-शोर से काम किया है. वे दावा करते हैं कि देशभर में 60 प्रतिशत घरों तक पेयजल पहुंचने के साथ इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है.

जब प्रदेश अध्यक्ष नहीं बन पाए शेखावत...

राजनीतिक गलियारों में इस बात के भी खूब चर्चे रहे हैं कि गजेंद्र सिंह शेखावत के पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से रिश्ते खराब रहे हैं. शेखावत कभी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में थे, लेकिन वसुंधरा राजे के कड़े विरोध के चलते वे पिछड़ गए थे और फिर मदन लाल सैनी को पार्टी की कमान सौंपी गई थी.

छात्र राजनीति से करियर की शुरुआत

गजेंद्र सिंह शेखावत ने छात्र राजनीति से करियर की शुरुआत की. 1992 में वो जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी में छात्र संघ अध्यक्ष चुने गए और राजनीति में एंट्री की. शेखावत क्षेत्र में विशेषकर बाड़मेर और जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ करीबी तौर पर जुड़े रहे. उन्होंने फैलोशिप समिति के अध्यक्ष, अखिल भारतीय खेल परिषद (AICS) के सदस्य और वित्त संबंधी स्थायी समिति के सदस्य के रूप में भी कार्य किया है. उन्होंने बीजपी के किसान मोर्चा के महासचिव बनने तक अपने नेतृत्व कौशल का परिचय दिया.

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माना जा रहा है कि शेखावत तीसरी बार मंत्री बनने के साथ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. वसुंधरा राजे के साथ मतभेदों के बावजूद शेखावत को मोदी और अमित शाह का विश्वास प्राप्त माना जाता है.

शेखावत का कहां जन्म हुआ...

गजेंद्र सिंह शेखावत का जन्म 3 अक्टूबर 1967 को राजस्थान के सीकर जिले के महरोली गांव में एक राजपूत परिवार में हुआ था. उनके पिता शंकर सिंह शेखावत सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी थे. शेखावत ने जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मास्टर ऑफ फिलॉसफी की डिग्री प्राप्त की है.
 

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