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जयपुर का हाईप्रोफाइल मर्डर केस: बेटी ने पति की हत्या के बाद अकेले लड़ी इंसाफ की लड़ाई, अपने माता-पिता और भाई को करवाई जेल

एक बेटी ने अपने पति की हत्या के बाद अकेले इंसाफ की लड़ाई लड़ते हुए पूरे परिवार को आजीवन कारावास की सजा दिलवाई है. परिवार के दो अन्य आरोपियों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है.

ममता ने पति अमित नायर के हत्यारों को दिलवाई सजा. (फाइल फोटो) ममता ने पति अमित नायर के हत्यारों को दिलवाई सजा. (फाइल फोटो)
शरत कुमार
  • जयपुर ,
  • 30 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST

अपनी बेटी के प्रेम विवाह से नाराज होकर दामाद की हत्या कराने वाले सास-ससुर समेत 5 लोगों को जयपुर की निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. बेटी ने पति की हत्या के बाद अकेले इंसाफ की लड़ाई लड़ते हुए अपने पूरे परिवार को सजा दिलवाई.

इस हत्याकांड में बेटी के पिता जीवणराम, मां भगवानी देवी, साला भगवाना राम, शूटर विनोद और रामदेव को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. परिवार के दो अन्य आरोपियों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है.

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जयपुर के करणी विहार पुलिस थाने ने जांच में यह खुलासा किया था कि जीवणराम की बेटी ममता ने केरल के रहने वाले इंजीनियर अमित नायर से 2012 में परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ प्रेम विवाह किया था. हालांकि, इसके बाद बेटी ने पिता की संपत्ति से अपना हाथ भी त्याग दिया था और अपने पति के साथ केरल में रहने चली गई थी. 

मगर साज़िश करके मां-पिता ने लड़की को वापस बुलाया और बगल में मकान दिलवा दिया. फिर बेटे और दामाद के साथ प्रेम से रहने लगे. इतने प्यार के साथ बेटी-दामाद को साथ रखते थे कि उन्हें शक ही नहीं हुआ कि माता-पिता के दिमाग में क्या चल रहा है. 

इस बीच, मां-बाप ने बेटे के साथ मिलकर हत्या करने के लिए दो शूटर विनोद और रामदेव को सुपारी दी. साल 2017 में सुबह-सुबह जब हीरापुरा स्थित अपने मकान से अमित नायर बाहर निकला तो उसे भाड़े के शूटरों ने चार गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया.

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हत्या के बाद पिता जीवरणराम ने शूटरों को बस से अजमेर रोड छोड़ा, जहां से वो अहमदाबाद भाग गए. हत्या के बाद पूरा परिवार गांव डीडवाना चले गए. मगर लड़की ने अकेले लड़ाई लड़ अपने घरवालों को सजा दिलवाई. 

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