
जयपुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी (Sukhdev Singh Gogamedi) की हत्या के बाद काफी बवाल मचा था, जो कि अभी तक जारी है. गोगामेड़ी की हत्या के इकलौते चश्मदीद गवाह हेमराज खटीक (Hemraj Khatik) की हालत नाजुक बनी हुई है. एक तरफ अस्पताल में हेमराज जिंदगी की जंग लड़ रहा है तो वहीं जयपुर के शहीद स्मारक पर हेमराज खटीक की पत्नी अपनी 3 बेटियों के साथ पति के लिए न्याय की गुहार लगा रही है.
दरअसल, इस हत्याकांड में सुखदेव गोगामेड़ी समेत 3 लोगों की मौत हो गई थी. लेकिन 2 गोलियां लगने के बावजूद हेमराज बच गया. अब अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है.
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गोगामेड़ी की हत्या के बीच कैसे आया हेमराज खटीक
जिस वक्त शूटर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने के बाद भाग रहे थे उसी समय उन्होंने हेमराज से स्कूटी छीनने का प्रयास किया था. ऐसे में हेमराज ने उन्हें स्कूटी देने के बजाय उनसे मुकाबला किया. जिस पर बदमाशों ने हेमराज की गर्दन पर बंदूक रखकर फायर कर दिया और गोली हेमराज की गर्दन और गाल को चीरती हुई आरपार निकल गई.
अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहा परिवार
हेमराज की पत्नी का कहना है कि एक वही थे जो घर खर्च और बच्चियों की पढ़ाई का खर्च उठाते थे लेकिन उनके गोली लगने के बाद परिवार टूट चुका है. लेकिन सरकार ने सिर्फ आश्वासन देकर डाल दिया जबकि एक सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद का भरोसा दिया. ऐसे में मदद नहीं मिलने पर धरने पर बैठना पड़ा है. उनके साथ राजसमंद में हुए मोहनलाल खटीक हत्याकांड के लोग भी न्याय के लिए बैठे हैं, जो एक माह बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से खफा हैं.