
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी (Sukhdev Singh Gogamedi) की हत्या को लेकर फिर से नया खुलासा हुआ है. पता लगा है कि सुखदेव की हत्या के लिए नितिन नहीं बल्कि लॉरेंस गैंग (Lawrence Gang) ने तीन दूसरे शूटरों को चुना था. लेकिन वारदात से ठीक पहले ही तीनों को महेंद्रगढ़ में पुलिस पर गोली चलाने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद गैंगस्टर रोहित गोदारा ने यह जिम्मेदारी नितिन फौजी को सौंप दी. तीनों कैदी नितिन फौजी के ही दोस्त हैं.
फिलहाल, भोंडसी जेल में बंद उन तीनों कैदियों को राजस्थान पुलिस ने रविवार शाम को प्रोडक्शन वारंट पर ले गई है. हत्या को अंजाम देने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के रोहित गोदारा ने पहले महेंद्रगढ के ही भवानी सिंह उर्फ रोनी, राहुल कोथल और संदीप को दी थी. लेकिन इस वारदात से पहले ही पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर भोंडसी जेल में बंद कर दिया था. अब जयपुर पुलिस इन तीनों से पूछताछ करेगी.
जानकारी के अनुसार, भवानी सिंह उर्फ रोनी, राहुल कोथल निवासी कोथल और नितिन फौजी आपस में दोस्त हैं. तीनों महेंद्रगढ़ के अलग-अलग गांव के हैं. नितिन फौजी दो दिन की छुट्टी पर गांव आया था. भवानी सिंह और अनुपम सोनी के बीच विवाद चल रहा था. उस विवाद को सुलझाने के लिए तीनों आरोपित अन्य साथियों के साथ गांव खुडाणा पहुंचे. अनुपम सोनी पक्ष से झगड़ा होने की सूचना पुलिस को मिली तो वह भी मौके पर पहुंची. इस पर भवानी सिंह ने साथियों के साथ वहां से भागते समय पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस ने भी उनका पीछा किया. नितिन तो पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा. वहीं, भवानी सिंह उर्फ रोनी, राहुल कोथल और संदीप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
तीनों के जेल जाने के बाद नितिन से साधा था संपर्क
भवानी सिंह उर्फ रोनी, राहुल कोथल और संदीप के जेल जाने के बाद लॉरेंश बिश्नोई की गैंग के रोहित गोदारा ने फिर नितिन फौजी से संपर्क किया. पुलिस का कहना है कि रोनी पहले ही गोदारा और उसके खास सहयोगी वीरेंद्र चरण के संपर्क में था. उसने नितिन की फोन के जरिए बात कराई और उसे जयपुर में हत्या के लिए मनाया गया. नितिन फौजी को वारदात को अंजाम देने के लिए रोहित गोदारा ने नितिन से कई वादे किए थे. कहा था कि वो उसे कनाडा भेज देगा. इसी लालच में रोहित राठौड़ के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने को तैयार हुए थे.
5 दिसंबर को हुई थी सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या
उल्लेखनीय है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की पांच दिसंबर को उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के पांच दिन बाद दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में शूटर रोहित राठौड़ और नितिन फौजी को चंडीगढ़ के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था.