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हरियाणा के मेवात और नूंह इलाके में मोनू मानेसर के एक वीडियो और उसकी मौजूदगी की अफवाह के चलते दो समुदायों के बीच जबरदस्त बवाल हो गया. दोनों तरफ से जमकर पत्थर चले. कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी कर दी गई. इस घटनाक्रम के बीच मोनू मानेसर ने आजतक से बात की. मोनू मानेसर ने कहा कि मैंने वीडियो में कोई भी भड़काऊ बयान नहीं दिया.
मोनू मानेसर ने बात करते हुए कहा कि जो गौ तस्कर हैं, यह उनका किया धरा इंसीडेंट है. मैंने न कोई उकसाने का कार्य किया, न मैं इस यात्रा में गया. हमारे अधिकारियों और भाई बहनों पर फायरिंग की गई है. AK 47 से फायरिंग की गई है. इससे ज्यादा दुर्भाग्य क्या होगा. हिंदू सहने वाला नहीं है.
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मोनू मानेसर ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस घटना के पीछे मामन खान जिम्मेदार है. यह मुस्लिमों से कह रहे हैं कि मैं मदद करूंगा. अगर जंग लड़नी है तो युद्ध में जाओ. यहां अगर चूहा भी मरता है तो मेरा नाम आता है. गौ माता को बचाना हिंदुओं और सनातनियों का काम है. नासिर जुनैद से मेरा कोई लेना देना नहीं है. हम क्या बता सकते हैं कि किसने जलाया. यह सरासर गलत है. मुझे राजस्थान पुलिस पर पूरा भरोसा है.
नूंह हिंसा में दो होमगार्ड्स और 3 नागरिकों की हुई मौत
बता दें कि नूंह हिंसा में दो होमगार्ड्स और तीन नागरिकों की मौत हो गई. 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए. सोहना में भी आगजनी हुई. हिंसा भड़कने का कारण भिवानी कांड का आरोपी मोनू मानेसर को बताया जा रहा है. उसके मेवात जाने की खबर ने माहौल को गर्मा दिया था. इलाके के लोगों ने मोनू के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी. अब हिंसा की ये सारी कहानी उसी मोनू मानेसर के इर्द गिर्द घूम रही है.
कौन है मोनू मानेसर?
मोनू मानेसर का पूरा नाम मोहित यादव है. वह मानेसर का रहने वाला है. इस वजह से वो अपने नाम के आगे मानेसर लगाता है. उसके पिता की मौत हो चुकी है. उसका एक छोटा भाई और एक बहन है. मोनू मानेसर शादीशुदा है. उसके दो बच्चे हैं. वो पिछले 10-12 वर्षों से बजरंग दल से जुड़ा है.
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मोनू मानेसर पिछले कुछ सालों से गो तस्करों से मुठभेड़ के मामलों में शामिल पाया गया. शातिर मोनू पर एक युवक को गोली मारने का भी आरोप लग चुका है. इस मामले में वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा है. मोनू काउ प्रोटेक्शन टास्क फोर्स का सदस्य भी बताया जाता है.
कब चर्चा में आया था मानेसर
मोनू मानेसर का नाम उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब उसने साल 2019 में कथित गौ तस्करों का पीछा करते हुए उन पर गोली चलाई थी. इसके बाद उसे साल 2015 में गाय संरक्षण कानून लागू होने के बाद हरियाणा सरकार ने जिला गाय संरक्षण टास्क फोर्स का सदस्य बना दिया था.
मोनू मानेसर अक्सर सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो शेयर करता है. उसके खिलाफ हरियाणा में ही कई मामले दर्ज थे, लेकिन राजनीतिक कारणों से वो मुकदमे वापस ले लिए गए.
कई बार पकड़ने की कोशिश कर चुकी है पुलिस
भिवानी कांड के आरोपी मोनू मानेसर को पकड़ने के लिए पुलिस कई बार छापेमारी कर चुकी है, लेकिन वो पुलिस के हाथ नहीं आता. राजस्थान पुलिस के मुताबिक, उनकी टीम कई बार मोनू मानेसर को गिरफ्तार करने के करीब पहुंची थी, लेकिन सूचना लीक हो गई और वह भागने में कामयाब रहा.