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सरकारी नौकरी छोड़कर 11 साल की बेटी के साथ संन्यासी बनेंगी प्रीति, 21 को होगा दीक्षा समारोह

राजस्थान के प्रतापगढ़ (Pratapgarh) में 40 साल की प्रीति सरकारी नौकरी (Government Job) छोड़कर अब संन्यास लेने जा रही हैं. प्रीति के साथ उनकी 11 साल की बेटी सारा भी संयम का मार्ग अपनाने जा रही हैं. इन मां बेटी को जैन संतों के सान्निध्य में 21 अप्रैल की दीक्षा दिलाई जाएगी.

प्रीति और उनकी बेटी सारा. प्रीति और उनकी बेटी सारा.
संजय जैन
  • प्रतापगढ़,
  • 18 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 1:37 PM IST

Rajasthan News: प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी में रहने वाली मां और बेटी ने मोह और सांसारिक सुखों को त्यागकर संन्यास लेने का फैसला किया है. मां-बेटी दोनों साथ में दीक्षा लेने वाली हैं. दीक्षा समारोह छोटी सादड़ी में 21 अप्रैल से शुरू होगा, जिसमें दीक्षा के बाद एक भिक्षु (मुमुक्षु ) की तरह दोनों घर से विदाई लेंगी.

जानकारी के अनुसार, राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी की रहने वाली 40 साल की प्रीति सरकारी सेवा में हैं. उनका अपना परिवार है. प्रीति को जैन संतों के सानिध्य में रहकर दीक्षा लेने की प्रेरणा मिली.

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प्रीति के घर में चल रही है दीक्षा की तैयारी.

प्रीति की 11 साल की बेटी सारा भी है. प्रीति और सारा ने भक्ति के पथ पर बढ़ते हुए संयम के मार्ग पर चलने का फैसला किया है. अब प्रीति और सारा भौतिक सुख सुविधाओं को त्यागकर संन्यास लेने जा रही हैं.

यह भी पढ़ें: 200 करोड़ की संपत्ति कर दी दान... अब संन्यासी बनने जा रहे गुजरात के ये दंपती, बेटा और बेटी भी ले चुके दीक्षा

प्रीति ने जब पहली बार दीक्षा लेने के बारे में अपने विचार परिजनों के साथ साझा किए तो परिवार वालों ने उम्र का हवाला देकर दीक्षा लेने से रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रीति ने कठिन रास्तों की परवाह किए बिना संयम पथ पर आगे बढ़ने का निश्चय किया.

प्रीति बेन और सारा बेन संत कुलबोधी सुरेश्वर महाराज, साध्वी सौम्यारत्ना श्रीजी महाराज, संत पुनीतरसा महाराज की प्रेरणा से दीक्षा लेंगी. इसमें 21 अप्रैल को सुबह छह बजे गृह आंगन से प्रस्थान होगा. इसके बाद शुभ मुहूर्त में 7 बजे दीक्षा होगी.

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गुजरात के बिजनेसमैन ने 200 करोड़ की संपत्ति दान कर ली थी दीक्षा

सोमवार को भावेश भाई ने अपनी पत्नी के साथ सोने, चांदी, कपड़े और कैश सड़कों पर लुटाया था.

बीते दिनों गुजरात के साबरकांठा जिले (Sabarkantha) में हिम्मतनगर के बिजनेसमैन भावेश भाई भंडारी और उनकी पत्नी ने भी संन्यास ले लिया. भावेश ने अपनी करोड़ों की संपत्ति दान कर दी. उन्होंने सांसारिक मोह त्यागकर संन्यास का रास्ता अपना लिया. हिम्मतनगर के भावेश भाई भंडारी संपन्न परिवार में जन्मे और सभी सुख सुविधाओं में पले बढ़े.

भावेश भाई के 16 साल के बेटे और 19 साल की बेटी ने भी दो साल पहले संन्यास के रास्ते पर चलने का फैसला लिया था. भावेश ने तकरीबन 200 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति दान में दे दी. अहमदाबाद में उनका बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का बिजनेस था. अब सारा कामकाज को छोड़कर संन्यासी बनने का फैसला किया. सोमवार को भावेश भाई ने अपनी पत्नी के साथ सोने, चांदी, कपड़े और कैश सड़कों पर लुटाया था.

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