
राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने प्रतापगढ़ जिले के अरनोद थाना क्षेत्र में देवल्दी गांव स्थित दो फार्म हाउस पर दबिश देकर एमडी ड्रग बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया. ड्रग फैक्ट्री से भारी मात्रा में ड्रग बनाने के उपकरण, मशीनें, एमडी युक्त केमिकल बरामद किए गए हैं. वहीं दूसरे फार्म हाउस से अवैध हथियार, एक पिस्टल, मैगजीन एवं तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. जब्त की गई करीब 12 किलो एमडी ड्रग एवं अन्य एनडीपीएस घटकों की कीमत करीब 40 करोड़ रुपए आंकी गई है.
एजीटीएफ को मिला था खुफिया इनपुट
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स दिनेश एमएन ने बताया कि एजीटीएफ को इनपुट मिले थे कि राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा से जुड़े प्रतापगढ़ जिले के गावों में बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स का निर्माण कर तस्कर ड्रग की सप्लाई राजस्थान, हरियाणा, पंजाब में कर रहे हैं. मुख्य रूप से देवल्दी गांव में इसका कारोबार चल रहा है.
भोपाल में पकड़ी गई ड्रग्स के तार देवल्दी गांव से जुड़े
एडीजी एमएन ने बताया कि कुछ दिन पहले गुजरात एटीएस ने भोपाल (मध्य प्रदेश) में 1800 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स पकड़ी थी, जिसके तार देवल्दी गांव से जुड़े हुए थे. मुख्य आरोपी देवल्दी गांव के ही हैं. सोमवार को टीम को पुख्ता सूचना मिली कि याकुब, जमशेद, शाहील काफी लंबे समय से एक फार्म हाउस पर अवैध मादक पदार्थो का व्यापार कर रहे हैं.
इनके खिलाफ पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण दर्ज हैं. आज भी उक्त फार्म हाउस पर एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा है. इस पर बिना देरी के एजीटीएफ टीम ने थानाधिकारी अरनोद को सूचित कर मौके पर दबिश दी.
पुलिस की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए. तलाशी में एमडी ड्रग बनाने के उपकरण, शुद्ध एमडी ड्रग का घोल, पिस्टल और जिंदा कारतूस, मोटरसाइकिल व भारी मात्रा में अन्य सामग्री जब्त की गई. आरोपी याकुब, जमशेद और शाहील गुजरात एटीएस द्वारा भोपाल में पकड़ी गई एमडी ड्रग के मुख्य सरगना शोएब के नजदीकी रिश्तेदार हैं. शोएब भी फरार चल रहा है.