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'ज्वलनशील गोदाम को शहरी क्षेत्र से बाहर क्यों नहीं किया जा रहा है', जयपुर हादसे का हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

20 दिसंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर सुबह करीब 6 बजे एलपीजी टैंकर और ट्रक के बीच भीषण टक्कर के बाद जोरदार धमाका हुआ था. धमाके के बाद आग की लपटें दूर तक पहुंचीं थीं, जिसने वहां से गुजर रहे करीब 40 वाहनों को चपेट में ले लिया था. इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई. हादसे में घायल लोगों की तस्वीरें भी सामने आईं थीं, जिसमें 50 फीसदी से ज्यादा जल चुके लोगों को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था.

जयपुर: जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुए हादसे की एक तस्वीर जयपुर: जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुए हादसे की एक तस्वीर
शरत कुमार
  • जयपुर,
  • 21 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:10 PM IST

जयपुर में हुए भीषण हादसे पर राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. जस्टिस अनूप कुमार की एकलपीठ ने केंद्र एवं राज्य सरकार को पीड़ितों को उचित मुआवजा देने का आदेश है. इसको लेकर कोर्ट ने भारत सरकार, पेट्रोलियम मंत्रालय, मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन को नोटिस दिया है. इसके अलावा राजस्थान के पेट्रोलियम सचिव को भी नोटिस देकर जवाब मांगा गया है कि ज्वलनशील गोदाम को शहरी क्षेत्र से बाहर क्यों नहीं किया जा रहा है.

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कोर्ट ने खतरनाक फैक्ट्री और ज्वलनशील पदार्थ के गोदाम को शहर से बाहर करने को लेकर यह नोटिस जारी किया है. एकलपीठ मामले की सुनवाई को खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं.

बता दें कि 20 दिसंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर सुबह करीब 6 बजे एलपीजी टैंकर और ट्रक के बीच भीषण टक्कर के बाद जोरदार धमाका हुआ था. धमाके के बाद आग की लपटें दूर तक पहुंचीं थीं, जिसने वहां से गुजर रहे करीब 40 वाहनों को चपेट में ले लिया था. इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई. हादसे में घायल लोगों की तस्वीरें भी सामने आईं थीं, जिसमें 50 फीसदी से ज्यादा जल चुके लोगों को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था.

हादसे पर सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है. राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत के निर्देश पर हादसे की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है. संयुक्त जांच दल हादसे के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगा. ये समिति दुर्घटना के लिए जिम्मेदार निर्माण और विभाग के दूसरे पहलुओं की भी जांच करेगी. सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने इस मामले में 20 जनवरी तक जांच रिपोर्ट मांगी है. हालांकि, कमेटी अगले सप्ताह ही रिपोर्ट जमा करने की तैयारी कर रही है.

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