
हाल में राजस्थान में देह व्यापार के लिए लड़कियों की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है. इसके बाद राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है. मामले की जांच के लिए अब मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की फैक्ट फाइंडिंग टीम भीलवाड़ा के जाहजपुर पहुंची है. इससे पहले खरीद फरोख्त कर लड़कियों को देह व्यापार में ढकेलने की घटना पर मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस भी थमाया था.
'बीजेपी सत्ता में थी तब हुई थी घटना'
वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसपर कहा है कि घटना 2005 की है जब बीजेपी सत्ता में थी. 2019 में हम आए और इसका पर्दाफाश किया. 21 आरोपी गिरफ्तार हुए, 3 की मौत हो चुकी है और 1 फरार है.मामले में 2 बच्चों की मौत हो गई थी जबकि बाकी अपने घर चले गए.
मामले को स्वत: संज्ञान लेते हुए आयोग ने राजस्थान सरकार से इस पर जवाब मांगा है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 8 से 18 साल की बच्चियों को स्टांप पेपर पर बेचा गया है. इतना ही नहीं, ये भी कहा गया है कि जो परिवार बेटियों को बेचने के लिए तैयार नहीं होता है, उसकी महिलाओं के साथ पंचायत के हुक्म पर रेप किया जाता है.
NHRC ने भेजा नोटिस
एनएचआरसी की तरफ से राज्य सरकार को नोटिस भेजा गया है. इसमें कहा गया है कि स्टांप पेपर के जरिए खरीदी गई लड़कियों को देह व्यपार करने के लिए एमपी, दिल्ली, मुंबई के अलावा विदेश भी भेजा जा रहा है. उसमें लिखा गया है कि अगर यह खबर सही है, तो यह मानवाधिकार का उल्लंघन है. सरकार से इस मामले में अभी तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार के लिए अलग-अलग राज्यों में बेच दिया गया. एक नाबालिग लड़की ने बताया कि उसे देह व्यापार के लिए 10 लाख रुपए में बेच दिया गया था. वहीं, गांव के जनप्रतिनिधि ने बताया कि बेरोजगारी और गरीबी के साथ ही समाज में फैली कुरीतियों को लेकर भारी-भरकम दंड चुकाने के लिए ये लोग लड़कियों का सौदा कर देते हैं.