
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मारवाड़ क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं. इसकी शुरुआत आज (16 जनवरी) से हो रही है. विधानसभा चुनाव से पहले पायलट के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है. अपने दौरे में कांग्रेस नेता नागौर, हनुमानगढ़, झुंझुनू, पाली और राजधानी जयपुर में लोगों से मुलाकात करेंगे. पायलट इस दौरान किसान सम्मेलन में भी शामिल होंगे.
माना जा रहा है कि पायलट खेमा राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर आलाकमान की देरी से खुश नहीं है और इसलिए एक स्पष्ट संदेश भेजना चाहता है. पायलट पार्टी आलाकमान को समझाने की कोशिश कर रहे थे कि अगर पार्टी को राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करनी है तो जल्द ही बदलाव लाना होगा.
अपने दौरे के बारे में बात करते हुए सचिन पायलट ने बताया कि वह राजस्थान के कई जिलों में लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच रहेंगे. उनकी सार्वजनिक बैठकों और बातचीत के कार्यक्रम इस प्रकार हैं. पायलट 16 जनवरी को नागौर, 17 जनवरी को हनुमानगढ़, 18 जनवरी को झुंझुनू, 19 जनवरी को पाली, 20 जनवरी को जयपुर के दौरे पर रहेंगे.
पायलट ने पिछले साल इंडिया टुडे से बात करते हुए दावा किया था कि वह चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर जल्द फैसला ले. उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की जो बैठक पिछले साल सितंबर में नहीं हुई थी वह जल्द होनी चाहिए. हालांकि, ऐसा न होने के बाद, पायलट ने घोषणा की थी कि वह इस चुनावी साल में जनसभाओं के जरिए लोगों तक पहुंचेंगे. उनका यह फैसला उनके राजनीतिक भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है.
बता दें कि सितंबर की CLP बैठक में कथित रूप से राजस्थान सरकार में मंत्रियों सहित पार्टी के कई विधायकों ने राज्य के यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के आधिकारिक आवास पर एक अलग बैठक की और बाद में आगे बढ़कर विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया था.