
राजस्थान में नए जिलों की स्थापना कार्यक्रम के दिन नए बने जिला सांचौर मे एक गैंगवार में शराब माफिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर 7 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कराया था. इस मामले की जांच सांचौर के डिप्टी एसपी मांगीलाल राठौड़ को सौंपी गई. पाली रेंज के आईजी राघवेन्द्र सुहास ने यह जानकारी दी.
आईजी राघवेन्द्र सुहास ने बताया कि लक्ष्मण देवासी मर्डर केस में गैंगवार के आरोपियों की तलाश में दबिश जी रही है. पुलिस ने सूची बनाकर पूरे राजस्थान में 120 लोगों के ठिकानों पर दबिश दी और अलग-अलग मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया है.
वहीं इस मर्डर केस में मुख्य आरोपी प्रकाश गोदारा को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उसे गिरफ्तार किया है. वहीं रेकी करने वाले तगसिंह राजपुरोहित को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गुजरात में अवैध शराब की सप्लाई करने वाले चार-पांच गैंग चल रहे थे, उसी को लेकर यह हत्या हुई है. इसमें जो शामिल हैं, उन सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
यह है पूरा मामला
अभी तक की जांच में पुलिस को पता चला है कि इस हत्या के मामले में शराब तस्कर शामिल हैं. हत्या में टोल प्लाजा को लेकर लक्ष्मण के साथ झगड़े में रंजिश रखने वाले मुकेश खिचड़ और विष्णु पटेल ने शार्प शूटर बुलाए थे. हत्या को अंजाम देने वाले तीनों शूटर हरियाणा के बताए जा रहे हैं. वहीं मुकेश और विष्णु के साथ कमलेश गोदारा का नाम भी शामिल है.
पुलिस ने बताया कि प्रकाश गोदारा के कहने पर शूटरों को 25 लाख रुपये अलग-अलग शराब तस्करों से लेकर दिए थे. लक्ष्मण देवासी की दो महीने से रेकी की जा रही थी. जिस दिन उसकी हत्या हुई, उस दिन लक्ष्मण गुजरात पुलिस के सामने सरेंडर करने जा रहा था.
लक्ष्मण देवासी पर गुजरात में दर्ज थे 50 से ज्यादा केस
लक्ष्मण देवासी पर गुजरात में 50 से ज्यादा और राजस्थान में करीब 13 मामले दर्ज हैं. वहीं प्रकाश गोदारा पर करीब 35 केस दर्ज हैं. पुलिस ने बताया कि प्रकाश गोदारा से पूछताछ में कई जानकारियां हाथ लगी हैं. उसने तीन टीमें बनाई थीं. घटना को अंजाम देने वाला मुकेश खिचड़ है. प्रकाश गोदारा और तगसिंह को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने पुलिस की मांग पर सोमवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.
लक्ष्मण और प्रकाश दोनों थे अच्छे दोस्त, फिर बन गए जानी दुश्मन
लक्ष्मण देवासी और प्रकाश डेढ़ साल पहले तक अच्छे दोस्त थे. प्रकाश पर पूर्व में 70 लाख की फिरौती का मामला था, तब उसने करीब 3-4 साल तक फरारी लक्ष्मण के घर पर काटी थी. लक्ष्मण की मां उसके लिए चूरमा बनाकर खिलाती थी. इसके बाद शराब तस्करी और टोल की लड़ाई में दोनों के बीच इतनी दुश्मनी बढ़ी कि एक दूसरे के जानी दुश्मन बन गए.
नतीजा यह रहा कि गैंगवार में लक्ष्मण की जान चली गई. लक्ष्मण और प्रकाश की बढ़ती दुश्मनी देख लक्ष्मण की मां ने प्रकाश से बात करके समझौता करने को कहा था. जालोर एसपी मोनिका सैन के नेतृत्व में कई टीमें मामले की जांच में जुटी हैं.