
राजस्थान के कई ग्रामीण इलाकों में आए दिन झोलाछाप डॉक्टर गलत इलाज करके लोगों की जान ले रहे हैं. इसी क्रम में सवाई माधोपुर जिले के कुंडेरा गांव में एक कंपाउंडर की लापरवाही के चलते रईथा कला निवासी 12 वर्षीय लड़के की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले धीरज मीणा को बुखार था.
धीरज के परिजन इलाज के लिए उसे कुंडेरा लेकर आए. जहां सरकारी अस्पताल में चिकित्सक न मिलने पर वे लड़के को कंपाउडर परसराम जाट के क्लिनिक ले गए. कंपाउंडर परसराम जाट ने अपने क्लिनिक पर मौजूद एक कर्मचारी से धीरज को इंजेक्शन लगाने को कहा. उसके कहने पर कर्मचारी ने लड़के को इंजेक्शन लगा दिया.
इंजेक्शन लगने के बाद धीरज की तबीयत अचानक और अधिक बिगड़ गई. लड़के की तबीयत बिगड़ती देख कंपाउडर ने उसे सवाई माधोपुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया. लेकिन जैसे ही वे लोग लड़के को अस्पताल लेकर पहुंचे, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि अस्पताल के बाहर मृतक लड़के के परिजन हमांगा कर रहे थे. उन्होंने लड़के का शव लेने से इनकार दिया. परिजन कहने लगे कि जब तक आरोपी कंपाउंडर को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता, वे शव नहीं लेंगे.
परिजनों के मुताबिक, कंपाउंडर परसुराम जाट जिला अस्पताल में ही कंपाउडर के पद पर कार्यरत है. पूर्व सीएमएचओ डॉ. तेजराम मीणा द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ चलाये गये एक अभियान के दौरान कंपाउंडर परशुराम जाट के क्लिनिक को भी सीज किया गया था. लेकिन सीएमएचओ डॉक्टर तेजराम मीणा के तबादले और नए सीएमएचओ की नियुक्ति के बाद कंपाउंटर परशराम जाट ने फिर से अपना क्लिनिक शुरू कर दिया.
उधर, लड़के की मौत की सूचना पर जिला प्रमुख सुदामा देवी मीणा के पति एवं कांग्रेस नेता डिग्गी प्रसाद मीणा जिला अस्पताल पहुंचे और मृतक लड़के के परिजनों को समझा बुझाकर शांत करवाया. तब जाकर मेडिकल बोर्ड से बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया. फिर उसे परिजनों को सौंप दिया गया.
मृतक लड़के के परिजनों ने आरोपी कंपाउडर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है. मामले को लेकर जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. धर्म सिंह मीणा ने आरोपी कंपाउडर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. वहीं, जांच लंबित रहने के दौरान कंपाउडर को निलम्बित किया गया है.
8 साल के मासूम की गलत इंजेक्शन से मौत
इससे पहले बाड़मेर जिले में 8 साल के जसराज की झोलाछाप डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगाने से जान ले ली. जानकारी के अनुसार, 8 वर्षीय जसराज को पिछले 2 दिन से बुखार की शिकायत थी. शुक्रवार को पिता भूराराम अपने बच्चे को इलाज के लिए गांव के मेडिकल ले पहुंचा. आरोप है कि उस दौरान शिव नारायण नामक झोलाछाप ने मासूम को दवाई देने की बजाय इंजेक्शन लगा दिया. जिसके बाद बच्चे के मुंह से झाग निकलने लगा और वह बेहोश हो गया. काफी देर तक बच्चे को होश नहीं आया. जिसके बाद मां ने बेटे को गोद में उठाया. वह उसे होश में लाने की कोशिश करती रही. लेकिन थोड़ी ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई. उधर डॉक्टर भी वहां से फरार हो गया. पुलिस फरार डॉक्टर की तलाश में जुटी है.
(सवाई माधोपुर से सुनील जोशी की रिपोर्ट)