
मेरा वश चलता तो पति के हत्यारों को खुद मार डालती... ये शब्द हैं उस लाचार विधवा के जिसके पति को दो दरिंदों ने बेरहमी से मार डाला. फिर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी डाल दिया. जी हां, हम बात कर रहे हैं उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड की. आज यानि 28 जून 2023 को इस हत्याकांड को पूरा एक साल हो गया है.
परिवार आज भी दुखी है कि आरोपियों को कोर्ट ने अभी तक सजा नहीं सुनाई है. आखिर कब मिलेगा इंसाफ? परिवार की मांग है कि आरोपियों को फांसी से कम कोई सजा न मिले. परिवार ने कन्हैयालाल की अस्थियां अभी तक विसर्जित नहीं की हैं. उनका कहना है कि जिस दिन आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी, उसी दिन कन्हैयालाल की अस्थियां भी विसर्जित की जाएंगी.
तिल-तिल कर मर रहा मेरा परिवार: जसोदा
'आजतक' से बातचीत में कन्हैयालाल की पत्नी जसोदा ने बताया कि पति के जाने के बाद से परिवार तिल-तिल कर मर रहा है. घर में मेहमानों का आना-जाना भी कम हो गया है. क्योंकि इस घर में कन्हैयालाल की जादें जुड़ी हुई हैं. जसोदा ने कहा, ''इधर पूरा परिवार तिल-तिल कर मर रहा है और दूसरी ओर, आरोपियों को जेल में रोटियां खिलाई जा रही हैं. मेरा वश चले तो मैं खुद ही हत्यारों को मार डालूं.''
उन्होंने कहा कि जब दरिंदो ने खुद उनके पति को मार कर वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया तो भी उन्हें अब तक फांसी क्यों नहीं मिल रही.
बता दें, कन्हैयालाल की पत्नी को आज तक उनके पति की हत्या का वीडियो नहीं दिखाया गया है. वह दिवंगत पति की सिलाई मशीन को निहारती रहती हैं. आए दिन उनके सिले कपड़ों को लेकर बैठ जाती हैं. इन्हें लोगों को दिखाती हैं.
बड़े बेटे ने पिता की मौत के बाद नहीं कटवाए बाल
वहीं, कन्हैया के बड़े बेटे यश साहू ने आरोपियों को फांसी नहीं हो जाने तक बाल नहीं कटवाने और पैरों में जूते नहीं पहनने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि जब तक मेरे पिता के हत्यारों को फांसी नहीं हो जाती मैं तब तक न ही अपने बाल कटवाऊंगा और न ही पैरों में जूते पहनूंगा.
तो वहीं, तो छोटे बेटे तरुण ने बताया कि उनके पिता उसे फार्मेसी की पढ़ाई कराना चाहते थे. उनके जाने के बाद सब कुछ छूट गया है. पिता के बिना बेटे अपना जन्मदिन तक नहीं मनाते. तरुण ने बताया कि 24 घंटे उनके परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं. वे लोग जब भी घर से बाहर निकलते हैं तो उनके साथ एक पुलिसकर्मी जरूर होता है. यही नहीं, उनके घर पर भी 6 सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं. जिससे लगातार मॉनिटरिंग की जाती है और कुछ भी संदिग्ध लगने पर तुरंत पुलिसकर्मी उसे पकड़ते हैं.
बता दें, कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद से ही परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के इरादे से ही उनके घर के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. ताकि कन्हैया के परिवार को कोई नुकसान न पहुंचा दें.
पुलिस की लापरवाही को परिवार मान रहा हत्या की वजह
कन्हैयालाल के परिजन इस हत्याकांड की वजह पुलिस की लापरवाही और ज्ञानव्यापी मस्जिद के मुद्दे पर टीवी चैनलों पर बहस को मान रहे हैं. यश का कहना है कि जिस दिन उनके पिता के हत्यारों को फांसी मिलेगी, उसी दिन अस्थियों का विसर्जन करेंगे. यही उनके पिता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि एक साल पहले यानि 28 जून 2022 को उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की दो युवकों ने बेरहमी से हत्या कर डाली थी. हत्या का वीडियो भी बनाया था और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कबूल किया था कि उन्होंने ही कन्हैयालाल को मारा है. टेलर की निर्मम हत्या के बाद पूरे देश में तनाव का माहौल था.
आरोपियों ने कन्हैयालाल को सिर्फ इसलिए मार डाला था क्योंकि सोशल मीडिया पर उनके फोन से बीजेपी की निष्कासित नेता नुपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट किया गया था. आरोपियों ने पहले 10 जून 2022 को आकर कन्हैया से इस बारे में पूछा था. उनके फोन से पोस्ट डिलीट करके उन्हे दोबारा ऐसा न करने की चेतावनी भी दी थी.
कन्हैयालाल के बेटे ने की थी नुपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट शेयर
इसके बाद भी मामला नहीं थमा. नाजिम नामक शख्स ने कन्हैयालाल के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी थी. जिसके बाद उन्हें अरेस्ट किया गया. लेकिन कोर्ट ने कन्हैया को 12 जून 2022 के दिन जमानत पर छोड़ दिया था. तीन दिन तक कन्हैया ने दुकान नहीं खोली. फिर दो पक्षों में समझौता हो गया. कन्हैया ने उन्हें बताया कि उन्हें तो मोबाइल ढंग से चलाना भी नहीं आता है. यह पोस्ट उनके बेटे ने गलती से कर दी होगी.
उस समय तो मामला रफा दफा कर दिया गया. लेकिन 28 जून 2022 के दिन मोहम्मद रियाज अंसारी और मोहम्मद गौस ने कन्हैयालाल की उनकी दुकान के अंदर घुसकर हत्या कर डाली.
क्यों किया था कन्हैया के बेटे ने नुपुर शर्मा का समर्थन?
बता दें, घटना से कुछ दिन पहले बीजेपी की नेता नुपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी. जिसके चलते बाद में उन्होंने माफी भी मांगी थी और बीजेपी ने उन्हें अपनी पार्टी से भी निकाल दिया था. इसके बाद कई लोग नुपुर का समर्थन कर रहे थे तो कई लोग उनका विरोध.
कन्हैयालाल के मोबाइल से जो पोस्ट की गई थी वो नुपुर के समर्थन में ही की गई थी. इसी बात से रियाज और गौस चिढ़े हुए थे. लेकिन असल में यह पोस्ट कन्हैयालाल ने नहीं, बल्कि उनके बेटे ने की थी.
(उदयपुर से सतीश शर्मा की रिपोर्ट)