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टोंक थप्पड़ कांड के बाद कलेक्टर सौम्या झा वायरल, इस वजह से हो रही तारीफ

टोंक की कलेक्टर सौम्या झा अपनी कार्यशैली और सौम्य स्वभाव से सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। बिहार से आईएएस बनने का सफर तय करने वाली सौम्या और उनके पति अक्षय गोदारा, जो बूंदी के कलेक्टर हैं, अपने काम और संघर्ष की वजह से चर्चा में हैं। समरावता कांड के बाद सौम्या की तारीफ देशभर में हो रही है

कलेक्टर सौम्या झा (फोटो-आजतक) कलेक्टर सौम्या झा (फोटो-आजतक)
शरत कुमार
  • टोंक ,
  • 21 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:12 PM IST

राजस्थान के टोंक जिले की कलेक्टर सौम्या झा अपनी कार्यशैली और सौम्य स्वभाव से इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. समरावता कांड के दौरान उनकी सफाई और काम को लेकर पूरे देश में उनकी सराहना हो रही है. बिहार के पटना से ताल्लुक रखने वाली सौम्या झा एमबीबीएस करने के बाद यूपीएससी में चयनित हुईं. उनकी शादी 2016 बैच के आईएएस अधिकारी अक्षय गोदारा से हुई, जो फिलहाल बूंदी जिले के कलेक्टर हैं.

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सौम्या ने हिमाचल प्रदेश कैडर से शुरुआत की थी, लेकिन शादी के बाद उन्होंने राजस्थान कैडर में स्थानांतरण कराया. उनके पति अक्षय गोदारा पहले प्रयास में आईपीएस बने और फिर दूसरे प्रयास में 40वीं रैंक हासिल कर आईएएस बने. अक्षय की प्रशासनिक सेवा की शुरुआत भरतपुर में असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में हुई.

सोशल मीडिया पर छाईं कलेक्टर सौम्या झा

टोंक कलेक्टर के तौर पर सौम्या झा ने अवैध बूचड़खाने बंद कराए और कोरोना काल में किए गए अपने कामों से जनता के बीच एक पहचान बनाई. अपने दौरे और त्वरित फैसलों की वजह से सौम्या आम लोगों के दिलों में जगह बना चुकी हैं. दरअसल सोम्या लोगों से मिलती हैं और उनकी पुरानी से पुरानी समस्याओं का समाधान मिनटों में ही करवा देती हैं. 

जनता की हर समस्या को सुलझाने में माहिर

अक्षय गोदारा का भी प्रशासनिक सफर दिलचस्प रहा है. 18 दिन में तीन बार ट्रांसफर होने की वजह से वे चर्चा में रहे. आईआईटी मुंबई से पढ़ाई करने वाले अक्षय जोधपुर के रहने वाले हैं. उनकी पहली पोस्टिंग बूंदी जिले में कलेक्टर के रूप में हुई. दोनों की मेहनत और समर्पण राजस्थान में उन्हें एक आदर्श आईएएस कपल बनाता है. पति अब अक्षय गोदारा पहले प्रयास में आईपीएस बने थे लेकिन एक साल के अंदर पढ़ाई कर आईएएस बन गए.

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