
राजस्थान के टोंक जिले में देओली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा के चलते स्थिति तनावपूर्ण रही स्थिति अब शांत है. 13 नवंबर को मतदान के दौरान नरेश मीणा ने एक मतदान केंद्र के बाहर ड्यूटी पर तैनात एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारा था.
इसके बाद समर्थकों के साथ धरना देते हुए उन्होंने पुलिस पर पथराव किया. पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. हिंसा के दौरान समर्थकों ने पीटीआई के रिपोर्टर और वीडियो कैमरा पर्सन पर हमला कर उनका कैमरा जला दिया गया. पुलिस ने 60 लोगों को गिरफ्तार किया और इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया.
टोंक में स्थिति सामान्य
गुरुवार को पुलिस ने नरेश मीणा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्यायालय में पेश किया. सुरक्षा कारणों से उन्हें फिजिकली पेश नहीं किया गया. कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. घटना के बाद राजस्थान प्रशासनिक सेवा संघ ने दो दिन का पेन-डाउन स्ट्राइक किया और मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद हड़ताल वापस ले ली.
कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा
इस हिंसा पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण खो दिया है. उन्होंने निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की.