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'कुछ लोग हमारे घर में घुसना चाहते हैं', उदयपुर की रॉयल फैमिली में विवाद पर लक्ष्यराज सिंह का पहला रिएक्शन

लक्ष्यराज ने अपने चचेरे भाई विश्वराज सिंह मेवाड़ पर निशाना साधा. साथ ही कहा कि दूसरा पक्ष इस स्थिति से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि अगर दूसरे पक्ष को कोई समस्या है, तो वह कानूनी सहारा ले सकता है. लेकिन दूसरा पक्ष इस स्थिति से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है.

राजघराने में विवाद पर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की पहली प्रतिक्रिया आई है राजघराने में विवाद पर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की पहली प्रतिक्रिया आई है
देव अंकुर
  • उदयपुर ,
  • 27 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 5:34 PM IST

राजस्थान के उदयपुर का पूर्व राजपरिवार इन दिनों सुर्खियों में है. इसकी वजह है रॉयल फैमिली के प्रॉपर्टी विवाद को लेकर दिवंगत महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे और बीजेपी विधायक विश्वराज सिंह को सिटी पैलेस में प्रवेश न देना. और सिटी पैलेस के बाहर हुआ पथराव. इस मामले में अब लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपना पक्ष रखा है.

लक्ष्यराज ने अपने चचेरे भाई विश्वराज सिंह मेवाड़ पर निशाना साधा. साथ ही कहा कि दूसरा पक्ष इस स्थिति से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि अगर दूसरे पक्ष को कोई समस्या है, तो वह कानूनी सहारा ले सकता है. लेकिन दूसरा पक्ष इस स्थिति से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है. कुछ लोग अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके हमारे घर में घुसना चाहते हैं. 

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'कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए प्रशासन पर दबाव बना रहे'

अरविंद सिंह के बेटे लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मंगलवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अनुष्ठान के नाम पर लोगों की जान को खतरे में डालना उचित नहीं है, उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं और जबरन उनके घर में घुसने की कोशिश कर रहे हैं. लक्ष्यराज सिंह ने कहा कि ऐसी स्थिति की संभावना थी, इसलिए हमने कई दिन पहले प्रशासन को सूचित कर दिया था और समाचार पत्रों के माध्यम से सूचना सार्वजनिक कर दी थी.

'सिटी पैलेस के अंदर का मंदिर सभी के लिए खुला'

उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था, हमें उम्मीद है कि प्रशासन और सरकार सच्चाई के साथ खड़ी होगी और न्याय करेगी. हम हमेशा अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं. कानून को अपने हाथ में लेना और खुद को कानून से ऊपर समझना सही नहीं है. हमने 40 साल पहले भी ऐसी ही स्थिति का सामना किया था, हम उनके अवैध दृष्टिकोण का कानून के अनुसार जवाब देंगे. उनके दावे झूठे हैं और सिटी पैलेस के अंदर का मंदिर सभी के लिए खुला है, बशर्ते वे जिम्मेदारी से आएं.

बुधवार को एकलिंगनाथजी मंदिर जाएंगे: विश्वराज सिंह

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लक्ष्यराज सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले भाजपा विधायक और उनके चचेरे भाई विश्वराज सिंह ने अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा कि धूणी पर जाना उनका अधिकार है, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया. उन्होंने कहा कि वे बुधवार को एकलिंगनाथजी मंदिर जाएंगे. 

उदयपुर में धारा 163 लागू

इसी बीच उदयपुर जिला मजिस्ट्रेट अरविंद पोसवाल ने धारा 163 के तहत उदयपुर शहर के जगदीश चौक से 500 मीटर की परिधि में आगामी आदेश तक निषेधाज्ञा जारी की है. एक जगह पर ग्रुप में 5 या 5 से अधिक लोगों के एकत्र होने, विभिन्न प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन आदि पर प्रतिबंध रहेगा. वहीं, जिला प्रशासन ने सिटी पैलेस के विवादित हिस्से की निगरानी के लिए रिसीवर नियुक्त किया है, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट द्वारा रिसीवर नियुक्त किए गए घंटाघर एसएचओ योगेंद्र व्यास ने कहा कि अभी तक विवादित क्षेत्र पर कब्जा नहीं लिया जा सका है, उन्होंने कहा कि मंगलवार को स्थिति नियंत्रण में रही. 

अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

कलेक्टर अरविंद पोसवाल ने कहा कि सोमवार रात हुई पथराव की घटना के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है. महल के मुख्य द्वार पर दोनों ओर से पथराव किए जाने से तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. मंगलवार को सिटी पैलेस के आसपास के बाजार भी बंद रहे. 

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ये है मामला

बता दें कि विश्वराज सिंह को सोमवार को चित्तौड़गढ़ किले में आयोजित एक समारोह में पूर्व मेवाड़ राजघराने के मुखिया के रूप में नियुक्त किया गया था, इस महीने की शुरुआत में विश्वराज के पिता महेंद्र सिंह मेवाड़ का निधन हो गया था. राजतिलक की रस्म के बाद विश्वराज सिंह का सिटी पैलेस में धूणी (धार्मिक स्थल) के दर्शन करने और फिर एकलिंगनाथजी मंदिर में जाने का कार्यक्रम था, हालांकि महेंद्र सिंह मेवाड़ के छोटे भाई अरविंद सिंह मेवाड़, जो सिटी पैलेस, धूणी और मंदिर की देखरेख करते हैं, उन्होंने विश्वराज सिंह को सिटी पैलेस में प्रवेश करने से रोक दिया था. 

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