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गांव में लगाया पिंजरा, रात में कैद हो गया तेंदुआ... उदयपुर में बच्ची पर हमला कर ले ली थी जान

उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र में तेंदुओं के हमले से दहशत फैली हुई थी. यहां पांच साल की बच्ची सहित कई लोगों पर हमले हुए. इसी के बाद शुक्रवार रात वन विभाग की टीम ने तीसरे तेंदुए को पकड़ लिया. इससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है. हालांकि क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियों को देखते हुए अब भी निगरानी जारी है.

पिंजरे में कैद तेंदुआ. पिंजरे में कैद तेंदुआ.
सतीश शर्मा
  • उदयपुर,
  • 28 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 12:59 PM IST

Rajasthan News: उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र में बीते दिनों तेंदुओं के हमलों से हड़कंप मच गया था. यहां तेदुआ के हमले से पांच साल की बच्ची की मौत हो गई थी. इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए कई पिंजरे लगाए थे. शुक्रवार रात तीसरा तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली. हालांकि अब भी क्षेत्र में तेंदुओं की निगरानी की जा रही है.

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जानकारी के अनुसार, उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र के कुड़ाऊ गांव में शुक्रवार रात करीब 2.30 बजे एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया. यह इस क्षेत्र में तीसरा तेंदुआ है, जिसकी तलाश में वन विभाग की टीम अभियान चला रही थी. इसी क्षेत्र में पांच साल की बच्ची की तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी.

गोगुंदा के क्षेत्रीय वन अधिकारी अर्जुन लाल मीणा ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पांच टीमें तैनात थीं और चार पिंजरे लगाए गए थे. तेंदुए को पकड़ने के बाद उसे उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ले जाया गया. तेंदुआ हष्ट-पुष्ट था, लेकिन उसके दो दांत टूटे हुए थे.

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तेंदुआ पकड़े जाने के बाद कुड़ाऊ गांव में ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. हालांकि लोगों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुओं की निगरानी जारी रखनी होगी, क्योंकि हाल के दिनों में तेंदुओं के हमले लगातार बढ़े हैं. ग्रामीण टॉर्च और लकड़ी लेकर जंगल की ओर गए थे, जब उन्हें तेंदुआ पकड़े जाने की सूचना मिली.

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इस क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों में अब तक 5 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इनमें से 4 हमले गोगुंदा क्षेत्र में हुए, जिनमें एक बच्ची और झाड़ोल के सरणा फला में एक युवक शामिल है. बच्ची पर हमला बुधवार शाम को हुआ. तेंदुए ने उसे झाड़ियों में घसीट लिया और बाद में उसका क्षत-विक्षत शव जंगल के पास मिला था. ग्रामीणों ने तेंदुए का पीछा भी किया था.

इन हमलों के बाद से वन विभाग की टीमें सतर्क हैं और तेंदुए की तलाश में जुटी हैं. क्षेत्र में लगाए गए पिंजरों की मदद से यह तीसरा तेंदुआ पकड़ा गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्ची और अन्य लोगों पर हमला इसी तेंदुआ ने किया है या किसी दूसरे ने हमला किया.

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