
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद अब राजस्थान में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है. इसी बीच बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने राजस्थान में मुख्यमंत्री कौन होगा, इस सवाल के जवाब में कहा है कि मुझे कोई अधिकार नहीं है कि मैं इस पर कोई टिप्पणी करूं. ये निर्णय आलाकमान ही करेगा. मगर, राठौड़ ने आगे कहा कि मंगलवार शाम यानी अगले 24 घंटे में राजस्थान के मुख्यमंत्री आपके समक्ष रूबरू होंगे.
दरअसल, भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ सोमवार को बीजेपी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे. यहां मीडिया से बातचीत करते हुए मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बारे में बात करते हुए कहा कि एक जमीनी कार्यकर्ता, जिन्होंने पूरा जीवन सिद्धांत की राजनीति की. उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए मध्य प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में ऊंचे पायदान पर पहुंचाने का कार्य किया. अगर वे मुख्यमंत्री बने हैं, तो इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है.
मोदी जी का है कमाल, निष्ठा से जुड़ते हैं कार्यकर्ता
राजेंद्र राठौड़ ने आगे कहा कि ये मोदी जी का कमाल है कि हर कार्यकर्ता निष्ठा के साथ जुड़ा रहता है. किसको कब मौका मिल जाए. इसी तरह मध्य प्रदेश में मोहन जी यादव को मौका मिला है. मैं उनको शुभकामनाएं देता हूं. मध्य प्रदेश वेद गढ़ रहा है. राजस्थान में किसी चौकाने वाले चेहरे या सामान्य वर्ग या एससी एसटी वर्ग से कोई मुख्यमंत्री होगा. इस सवाल के जवाब में राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि मेरे साथ ही रामलाल शर्मा है, जो राजनीति के ज्योतिषी हैं. वो कुछ बता सकते हैं.
छत्तीसगढ़ के सीएम होंगे विष्णुदेव साय
बता दें कि रविवार को बीजेपी ने छत्तीसगढ़ के सीएम पद पर नाम का ऐलान कर दिया. विष्णुदेव साय को प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है. बड़ा दांव खेलते हुए बीजेपी ने आदिवासी नेता को सूबे का चेहरा बनाया है. विष्णुदेव छत्तीसगढ़ बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. 2 साल 68 दिन तक उन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाया. साथ ही रायगढ़ सीट से सांसद भी रहे हैं.
मध्य प्रदेश के सीएम पद पर मोहन यादव के नाम पर मुहर
वहीं, सोमवार को मध्य प्रदेश के सीएम पद पर उज्जैन दक्षिण क्षेत्र से विधायक मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाकर बीजेपी ने तय कर दिया कि यह नयी बीजेपी है. मध्य प्रदेश की राजनीति में सीएम पद के लिए यादव छुपा रुस्तम साबित हुए हैं.कहा जा रहा कि आरएसएस उनके नाम को लेकर काफी गंभीर था. हालांकि मोहन यादव को बड़बोलेपन के लिए कई बार बहुत आलोचना झेलनी पड़ी है.और भी कई मामलों को लेकर उनका नाम विवादों में रहा है.