
सरिस्का के बाला किला बफर जोन में रहने वाला एक युवा बाघ st2303 अलवर से 125 किलोमीटर दूर रेवाड़ी जिले को लांघकर क्षेत्र में घूम रहा है. रेवाड़ी के झाबुआ गांव के जंगलों में बाघ देखा गया है. सरिस्का की टीम अभी तक उसे ट्रेंकुलाइज नहीं कर पाई है, युवा बाघ आखिर इतनी दूर क्यों पहुंचा, इसका खुलासा हो चुका है.
सरिस्का के अधिकारियों ने बताया कि युवा बाग का संघर्ष बाला किला बफर में अपने पिता से हुआ था, उसके बाद वह जंगल छोड़कर चला गया. इससे पहले भी एक बार वह रेवाड़ी जा चुका है. अब दूसरी बार रेवाड़ी के जंगलों में पहुंचा है.
सरिस्का क्षेत्र का युवा बाघ इन दिनों 125 किलोमीटर दूर रेवाड़ी के जंगलों में घूम रहा है. जानकारी के मुताबिक बाघ ने कई लोगों पर हमला किया है. अब तक 6 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं. बाघ के पीछे सरिस्का की टीम लगी हुई है. बाघ को ट्रेंकुलाइज करने का काम चल रहा है, लेकिन अभी तक सरिस्का की टीम को सफलता नहीं मिली है.
सरिस्का के अधिकारियों ने बताया कि युवा बाघ बाला किला बफर जोन में घूमने वाले बाघ st18 और बाघिन st19 का बेटा है. शुरुआत में एक साल तक शावक अपने माता-पिता के साथ रहा, लेकिन उसके बाद टेरिटरी की तलाश में घूमने लगा. इसी दौरान उसका संघर्ष अपने पिता st18 से हुआ. इसके बाद युवा बाघ बाला किला बफर जोन का जंगल छोड़कर बाहर की तरफ रहने लगा. युवा बाघ की उम्र करीब ढाई से तीन साल के आसपास है.
सरिस्का के अधिकारियों ने बताया कि यह बाघ बाला किला बफर जोन और अलवर वन मंडल के डेहरा, शाहपुर, जिंदोली और आसपास क्षेत्र में घूम रहा था. घूमते-झूमते वह रेवाड़ी तक जा पहुंचा. वहां का घना जंगल बाघ को रास आ गया. हालांकि पहली बार जब बाघ रेवाड़ी पहुंचा. तो कुछ समय बाद वो वापस आ गया था. अब फिर से बाघ हरियाणा पहुंच गया है. उसकी मूवमेंट पर सरिस्का की टीम नजर रख रही है. बाघ को ट्रेंकुलाइज करके वापस सरिस्का के जंगल में छोड़ा जाएगा.
8 महीने में दूसरी बार पहुंचा रेवाड़ी
इससे पहले जनवरी के महीने में बाघ रेवाड़ी गया था. इस दौरान उसने किसान पर हमले किए. लेकिन उसके बाद अलवर लौट आया. बाघ की लोकेशन राजस्थान और हरियाणा सीमा के आसपास झाबुआ के बीहड़ जंगलों में मिल रही है. बाघ के कारण ग्रामीणों ने जंगल में जाना बंद कर दिया है, क्योंकि वहां ग्रामीणों की फसल है. इसलिए ग्रामीण डरे हुए हैं.
कोटकासिम क्षेत्र में घूम रहा बाघ
पगमार्क और कैमरा टैपिंग की मदद से सरिस्का की टीम बाघ की मॉनीटरिंग कर रही है. झाबुआ के जंगल में लगे कैमरे में दूसरी बार बाघ की तस्वीर कैद हुई. इसके अलावा अभी बाघ कोटकासिम क्षेत्र में घूम रहा है. बाघ को ट्रेंकुलाइज करने में सरिस्का और वन विभाग की टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है.