हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का त्योहार बहुत शुभ माना जाता है. ये पर्व वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इस बार अक्षय तृतीया 14 मई को पड़ रही है. अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
हिंदू वर्ष के हिसाब से साल का सबसे पहला विशिष्ट मुहूर्त लक्ष्मी को समर्पित होता है जिसे अक्षय तृतीया कहा गया है. मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी खुद धरती पर भ्रमण करने आती हैं.
लक्ष्मी की दिशा दक्षिण मानी जाती है लेकिन अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी विशेष रूप से ईशान कोण में आकर बैठ जाती हैं. यही वो विशेष दिन है जिस दिन आप मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पा सकते हैं.
ज्योतिर्विद कमल नंदलाल से जानते हैं कि वास्तु के अनुसार इस अक्षय तृतीया पर किन उपायों से मां लक्ष्मी को अपने घर बुला सकते हैं. इस दिन आप ईशान कोण में कुछ चीजें स्थापित करके लक्ष्मी का आशीर्वाद पा सकते हैं. आइए जानते हैं क्या हैं ये चीजें.
मां लक्ष्मी की चरण पादुका- मां लक्ष्मी के पांव के निशान बहुत शुभ माने जाते हैं. मां के सोने या चांदी के चरण पादुका रखना बहुत अच्छा माना जाता है लेकिन अगर आपके पास नहीं है तो आप कोई भी साधारण पादुका ऑनलाइन मंगवा सकते हैं. इस चरण पादुका को ईशान कोण में रखें.
कौड़ियां- मां लक्ष्मी के आठ स्वरूपों को बहुत ही ज्यादा प्रतिबद्ध तरीके से जाना जाता है. इन कौड़ियों को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. इस दिन आठ पीली कौड़ियां इस दिशा में रखें.
एकाक्षी नारियल- एकाक्षी नारियल को लक्ष्मी का बहुत ही विशिष्ट रूप कहा गया है. इसके साथ-साथ पारद की लक्ष्मी इस दिशा में जरूर रखें. इन्हें पादेश्वरी भी कहा गया है.
कच्छप- अक्षय तृतीया के दिन इस दिशा में कच्छप जरूर रखें. ये किसी भी धातु का हो सकता है. नवरत्न कच्छप हो तो और भी बेहतर है. स्फटिक के बने कछुए सबसे ज्यादा शुभ माने जाते हैं.
शंख- ईशान दिशा में दक्षिणावर्ती शंख रखें. शंख को लक्ष्मी मां का प्रतीक माना जाता है. खासतौर से मोती शंख रखना बहुत शुभ माना जाता है. इसके अलावा घर की इस दिशा में सुमेरु श्री यंत्र रखें.
बांसुरी- अक्षय तृतीया के दिन इस दिशा में बांसुरी जरूर रखें. इस दिन बांसुरी की पूजा का भी नियम है. इसके अलावा पीतल की घंटी भी रखें.
मिट्टी का कलश- सबसे आखिरी चीज है मिट्टी का कलश. अक्षय तृतीया के दिन ईशान दिशा में मिट्टी का कलश भी रखें. ये सारी चीजें अगर आप घर में लाते हैं और इसकी स्थापना ईशान कोण में कर देते हैं लक्ष्मी सदैव दक्षिण से ईशान की तरफ आती रहेंगी.