आज नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi 2020) यानी छोटी दीवाली मनाई जा रही है. नरक चतुर्दशी के दिन ही हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti)भी मनाई जाती है. हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है. पहली हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा को जबकि दूसरी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है. भगवान हनुमान को प्रसन्न करने के लिए छोटी दिवाली का ये दिन बहुत ही खास माना जाता है.
कैसे मनाएं हनुमान जयंती- इस दिन पूरे शरीर पर तिल का तेल लगाकर स्नान करने की परंपरा है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन तिल के तेल से मालिश करने बाद स्नान करने वालों को शुभ फल मिलते हैं. इस दिन हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करें और धूप, दीप, नवैद्य, दीप जलाकर उनकी पूजा करें. हनुमान जी को गुलाब की माला चढ़ाएं और सिन्दूर लगाएं उसके बाद उनकी आरती करें.
इन बातों का रखें ख्याल- हनुमान जी की पूजा में सिंदूर का इस्तेमाल जरूर करें. ऐसा करने से इंसान के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. इस दिन बरगद के पेड़ के पत्ते से हनुमान जी की पूजा करने वालों के आर्थिक संकट दूर होते हैं. इसके लिए बरगद के पेड़ के पत्ते को गंगाजल से धोकर हनुमानजी को अर्पित करें.
हनुमान जी की पूजा में उनको पान का बीड़ा जरूर चढ़ाएं. कहा जाता है कि इससे हनुमान जी की विशेष कृपा होती है और तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं. इसके अलावा हनुमान जी की पूजा में केवड़े का इत्र और गुलाब की माला भी शामिल करें.
हनुमान जयंती के दिन लाल रंग के वस्त्र पहन कर हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए. ऐसा करने से हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होते हैं. हनुमान जी को बूंदी के लड्डू या प्रसाद अवश्य चढ़ाएं. ध्यान रखें कि दान में दी गई वस्तु, खसतौर से मिठाई का सेवन खुद न करें.
भक्तों को मंगलवार या हनुमान जयंती के व्रत वाले दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए. हनुमान जी की पूजा में चरणामृत का प्रयोग नहीं किया जाता है. आज के दिन ऐसा करने से बचें.
हनुमान जयंती के दिन धन प्राप्ति के भी विशेष उपाय किए जाते हैं. आज के दिन पीपल के 11 पत्तों पर लाल चंदन से श्री राम लिखें और इन पत्तों को मंदिर में जाकर हनुमानजी को चढ़ा दें. मान्यहा है कि ऐसा करने वाले लोगों को धन का लाभ होता है.
हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली के सामने चमेली के तेल का दिया जरूर जलाएं. ऐसा करने से कुंडली में मौजूद मंगल दोष कम हो जाता है और आपके जीवन से सारे संकट दूर होने लगते हैं. आज के दिन गरीबों को भोजन कराना और उन्हें दान दक्षिणा देना बहुत शुभ माना जाता है.